जनता के तीखे सवाल पर विधायक ने मंच पर दी लिखित गारंटी, बुजुर्ग की हथेली पर लिख दिया पुल बनेगा

भीलवाड़ा। एक लोकार्पण समारोह उस समय अचानक चर्चा का केंद्र बन गया, जब मंच के सामने खड़े एक बुजुर्ग ने जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा से दो टूक शब्दों में कह दिया कि हर नेता आश्वासन देता है लेकिन जमीन पर काम कहीं नजर नहीं आता। भरे मंच पर उठे इस सवाल से माहौल कुछ पल के लिए ठहर गया, लेकिन विधायक ने भी जवाब देने में कोई देर नहीं की। उन्होंने जेब से पेन निकाला और बुजुर्ग की हथेली पर ही लिख दिया कि एक वर्ष में पुल का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए और समारोह में अचानक सन्नाटा छा गया।
मौका जहाजपुर विधानसभा क्षेत्र के कांटी इलाके में आयोजित एक भव्य लोकार्पण कार्यक्रम का था, जहां विधायक करोड़ों रुपये की लागत से बने दस से अधिक विकास कार्यों का उद्घाटन करने पहुंचे थे। मंच पर प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। इसी दौरान कांटी घेवरिया खाल पर लंबे समय से अटकी पुलिया के निर्माण को लेकर बुजुर्ग रामेश्वर लाल सेन आगे आए और सीधे मंच पर अपनी पीड़ा रख दी। उनके चेहरे पर वर्षों से लंबित मांग का आक्रोश और व्यवस्था के प्रति निराशा साफ दिखाई दे रही थी।
बुजुर्ग की बात सुनते ही विधायक ने उन्हें पास बुलाया और सार्वजनिक रूप से भरोसा दिलाने के लिए उनकी हथेली पर ही समय सीमा लिख दी। इसे उन्होंने अपनी लिखित गारंटी बताया। आसपास खड़े लोग इस अनोखे अंदाज को देखकर आपस में चर्चा करने लगे और कई लोगों ने इसे जनता के दबाव का असर बताया, तो कुछ ने इसे राजनीति में जवाबदेही का नया तरीका करार दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक गोपीचंद मीणा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों तक कांग्रेस सरकार सिर्फ सत्ता बचाने और आपसी सेटिंग में उलझी रही, जबकि कांटी घेवरिया की पुलिया जैसी जरूरी योजनाएं अधर में लटकी रहीं। उनका आरोप था कि आमजन के काम कभी उनकी प्राथमिकता में नहीं रहे, इसी कारण आज भी ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
समारोह के बाद भी इस घटना की चर्चा गांव गांव में होती रही। लोगों का कहना था कि अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि विधायक द्वारा दी गई यह लिखित गारंटी समय पर पूरी होती है या नहीं, क्योंकि बुजुर्ग की हथेली पर लिखा वादा पूरे क्षेत्र के लिए उम्मीद का प्रतीक बन गया है।
