जानलेवा हमले में घायल जगदीश की उदयपुर में मौत: परिजन और समाजजन सडक़ पर उतरे, गिरफ्तारी की मांग, शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार

परिजन और समाजजन सडक़ पर उतरे, गिरफ्तारी की मांग, शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार
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भीलवाड़ा बीएचएन। मांडल थाना क्षेत्र के चतरपुरा गांव में एक फरवरी को हुई हिंसक घटना में घायल जगदीश सिंह दरोगा का उदयपुर के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मंगलवार को निधन हो गया। इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश फैला दिया है।

जानकारी के अनुसार, जगदीश के बेटे पर आरोप था कि उसने एक लडक़ी को चार-पांच दिन पहले फरार कर लिया था। इसी को लेकर एक फरवरी की शाम लडक़ी पक्ष ने चारभुजानाथ मंदिर में बैठक आयोजित की। जगदीश ने खुद को नशे की स्थिति में बताते हुए बैठक में उपस्थित नहीं होने की बात कही, लेकिन उन्होंने कहा कि बैठक में जो भी निर्णय होगा, वह उन्हें स्वीकार्य होगा।

जगदीश के मंदिर नहीं आने से नाराज कुछ लोग भीड़ बनाकर उनके घर पहुंचे। घर में तोडफ़ोड़ की गई, उनकी मां और पत्नी को बाहर निकाला गया और परिवार के साथ मारपीट की गई। जगदीश कमरे में बंद हो गए, जिन्हें बाहर घसीटकर गंभीर रूप से पीटा गया और मंदिर की ओर ले जाया गया। इस बीच, भीड़ ने घर में आग लगा दी।

हमले में जगदीश के अलावा गीता देवी, लाड़ी देवी, महावीर, सीमा और 13 माह की बच्ची ज्योति भी घायल हो गए। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि गंभीर हालत में जगदीश को उदयपुर रैफर किया गया।

जगदीश की मंगलवार रात वहां मौत हो गई। शव भीलवाड़ा लाया गया। यहां परिजन और समाजजन बुधवार सुबह मोर्चरी पर इक_ा हुए। उन्होंने आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की और चेतावनी दी कि गिरफ्तारी नहीं होने तक वे शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे। आरोप है कि मांडल पुलिस पर राजनैतिक दबाव है, जिसके कारण आरोपितों की गिरफ्तारी में देरी हो रही है।

मांडल थाना प्रभारी रोहिताश्व ने बताया कि मामले में तीन आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं और बाकी की तलाश जारी है। उन्होंने किसी भी राजनीतिक दबाव को खारिज किया। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका है।

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