बड़ला कांड: एक ही चिता पर हुआ पिता-पुत्र का अंतिम संस्कार, मासूम वंश की हत्या कर राधेश्याम ने किया था सुसाइड

भीलवाड़ा/ सवाईपुर (बीएचएन) । बड़लियास थाना क्षेत्र के बड़ला गांव में शुक्रवार को घटित दिल दहला देने वाली घटना के बाद पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। जिस पिता ने कल तक अपने मासूम बेटे को गोद में खिलाया था, उसी ने उसकी हत्या कर खुद भी मौत को गले लगा लिया। शाम को बेहद गमगीन माहौल में पिता राधेश्याम और पुत्र वंश का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। इस हृदयविदारक दृश्य को देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
पिता ने छीनी सांसें...!
पुलिस के अनुसार, बड़ला निवासी राधेश्याम वैष्णव का बेटा वंश कोटड़ी के एक निजी स्कूल में पढ़ता था। उसकी आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं चल रही थीं, जिसके चलते उसका बड़ा भाई सतु उसे 19 फरवरी को ही ननिहाल से बड़ला छोड़ गया था। पिछले दो-तीन दिनों से पिता-पुत्र को गांव में साथ घूमते देखा गया था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि शुक्रवार तडक़े राधेश्याम इतना खौफनाक कदम उठाएगा। राधेश्याम ने अपने बेटे वंश की गला काटकर हत्या कर दी और फिर खुद जहर खाकर खुदकुशी कर ली।
शव गांव पहुंचे तो छा गया मातम, एक ही चिता पर दाह-संस्कार
पुलिस ने राधेश्याम के शव का जिला चिकित्सालय और वंश के शव का सवाईपुर अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया। इसके बाद जब दोनों शव एक साथ गांव बड़ला पहुंचे, तो परिजनों की चीत्कार फूट पड़ी। वंश की मां, बहन और भाई का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव की हर गली और चौराहे पर सन्नाटा पसरा रहा और हर जुबान पर एक ही सवाल था कि आखिर एक पिता इतना पत्थरदिल कैसे हो गया। शाम को पिता-पुत्र की एक साथ अर्थी उठी और एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
