​भीलवाड़ा पुलिस की कार्यवाही- पति का कत्ल कर पत्नी के साथ रेप करने के वाला दरिंदा गिरफ्तार

भीलवाड़ा। मानवता को शर्मसार और रूह को कंपा देने वाली बरडौद नर्सरी की उस खौफनाक वारदात का अंत हो गया है। भीलवाड़ा पुलिस ने उस 'हैवान' को सलाखों के पीछे धकेल दिया है जिसने न केवल एक बुजुर्ग की जान ली, बल्कि उसकी लाश के पास ही उसकी पत्नी की अस्मत को तार-तार कर दिया।

खून का प्यासा रमेश: बीच-बचाव करने पर बुजुर्ग को उतारा मौत के घाट

घटना 3 मार्च 2026 की है। चित्तौड़गढ़ जिले का रहने वाला शातिर अपराधी रमेश उर्फ राधेश्याम कालबेलिया अपनी पत्नी को बेरहमी से पीट रहा था। जब पास ही मौजूद एक व्यक्ति और उनकी पत्नी ने इंसानियत दिखाते हुए उसे रोकने की कोशिश की, तो रमेश के सिर पर खून सवार हो गया। उसने बचाव करने आए अधेड़ पर इस कदर हमला किया कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

हैवानियत की पराकाष्ठा: हत्या के बाद बलात्कार

इंसानियत तब चीख उठी जब अधेड़ की हत्या करने के चंद मिनटों बाद ही इस दरिंदे ने उनकी बेबस पत्नी को घसीटकर टपरी में डाल दिया। पति की लाश बाहर पड़ी थी और अंदर यह आरोपित उसकी पत्नी के साथ बलात्कार कर रहा था। इस जघन्य कृत्य ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है।

पुलिस का 'चक्रव्यूह' और हिस्ट्रीशीटर का अंत

आरोपी रमेश कोई मामूली मुजरिम नहीं, बल्कि अजमेर, पाली और चित्तौड़गढ़ का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है। वह पुलिस से बचने के लिए बिना मोबाइल के भाग रहा था और राज्य छोड़ने की फिराक में था। लेकिन हमीरगढ़ पुलिस की चौकसी के आगे उसकी चालाकी धरी रह गई। पुलिस ने जमीन-आसमान एक करते हुए घेराबंदी की और इस नरपिशाच को दबोच लिया।

अपराध का काला चिट्ठा: डकैती से लेकर पुलिस पर हमले तक

पकड़ा गया आरोपी रमेश उर्फ राधेश्याम संगीन अपराधों का पुराना खिलाड़ी है:

2001 (चित्तौड़गढ़): डकैती और हथियारों के साथ लूट।

2004 (अजमेर): पुलिस पर जानलेवा हमला और हत्या का प्रयास (धारा 307)।

2004 (पाली): लूटपाट और भीषण मारपीट।

2005 (किशनगढ़): गंभीर लूट के मामले।

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