, 'बासोड़ा' की तैयारी, चूल्हा नहीं... अब तो ठंडे पकवानों की बारी!

, बासोड़ा की तैयारी, चूल्हा नहीं... अब तो ठंडे पकवानों की बारी!
X


​भीलवाड़ा विजय गढ़वाल | भक्ति, शक्ति और ठंडे पकवानों के अनूठे संगम का पर्व 'शीतला सप्तमी व अष्टमी' जिले भर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। रंग-गुलाल की मस्ती के बीच अब भीलवाड़ा की गलियों में 'राँधा-पुआ' की खुशबू महकने लगी है। जिले में कहीं मंगलवार को सप्तमी पूजी जाएगी, तो भीलवाड़ा शहर बुधवार को शीतला माता की भक्ति में रंगेगा।

​रसोई में सजे पकवान: चूल्हा रहेगा ठंडा, दिल रहेगा श्रद्धा से लबरेज

​पर्व की सबसे खास परंपरा 'बासोड़ा' को लेकर घरों में महिलाओं की व्यस्तता बढ़ गई है। भीलवाड़ा शहर में बुधवार को होने वाली शीतला अष्टमी की पूजा के लिए आज से ही दही-चावल, ओलिया, घाट, राबड़ी और कुरकुरी पकौड़ियों जैसे पारंपरिक व्यंजन तैयार किए जा रहे हैं। मान्यता है कि इस दिन मां शीतला को शीतल (ठंडे) भोजन का भोग लगाया जाता है, जिसके बाद घर का चूल्हा नहीं जलता।

​सप्तमी और अष्टमी का संगम: बनेड़ा में कल, शहर में परसों पूजन

​जिले के बनेड़ा और आसपास के कस्बों में शीतला सप्तमी का पर्व मंगलवार को ही मनाया जाएगा, जबकि भीलवाड़ा शहर के मंदिरों में बुधवार को भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। महिलाएं सज-धजकर मां शीतला की आराधना करेंगी और शीतलता व सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगेंगी। पूजन के पश्चात अबीर और गुलाल के रंगों से होली का आनंद दोगुना हो जाएगा।

​भीलवाड़ा हलचल न्यूज पोर्टल पर अपनी खबर देने के लिए संपर्क करें: समाचार: प्रेम कुमार गढवाल 9413376078 (Email: [email protected], व्हाट्सएप: 9829041455)

विज्ञापन: विजय गढवाल 6377364129

संपर्क कार्यालय: भीलवाड़ा हलचल, कलेक्ट्री रोड, नई शाम की सब्जी मंडी, भीलवाड़ा

फोन: 7737741455

Next Story