डिजिटल अरेस्ट करने वाले धोखेबाजों से कम नहीं मीडिया के नाम पर ब्लैकमेल करने वाली संस्थाएं: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च अदालत ने शुक्रवार को इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय फर्जी मीडिया संस्थाओं को लेकर तल्ख टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि इंटरनेट मीडिया पर आज ऐसी कई संस्थाएं सक्रिय हैं जो मीडियाकर्मी होने का स्वांग रचती हैं, लेकिन असल में वे ब्लैकमेलर की तरह काम कर रही हैं।
अदालत ने इन तत्वों की तुलना उन अपराधियों से की जो 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे साइबर अपराधों के जरिए लोगों को ठगते हैं। कोर्ट ने चिंता जताते हुए कहा कि मीडिया की आड़ में इस तरह की गतिविधियां न केवल समाज के लिए खतरा हैं, बल्कि पत्रकारिता की गरिमा को भी ठेस पहुँचाती हैं। इन फर्जी संस्थाओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अदालत ने इन्हें उन धोखेबाजों के समान बताया जो मासूम लोगों को अपना शिकार बनाते हैं।
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