गौरक्षक 'फरसा वाले बाबा' की हत्या से भारी बवाल, हाईवे जाम और पथराव

मथुरा। ब्रज क्षेत्र के प्रसिद्ध गौरक्षक संत चंद्रशेखर उर्फ 'फरसा वाले बाबा' की कथित रूप से गौ-तस्करों द्वारा हत्या किए जाने के बाद समूचे मथुरा जिले में तनाव फैल गया है। शनिवार तड़के हुई इस वारदात के बाद गुस्साए लोगों ने दिल्ली-आगरा हाईवे पर जाम लगा दिया और पुलिस के साथ हिंसक झड़पें हुईं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का तुरंत संज्ञान लेते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
तड़के 4 बजे गौ-तस्करों ने ट्रक से कुचला
घटना थाना कोसीकलां क्षेत्र के नवीपुर गांव के पास की है। बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह करीब 4 बजे बाबा अपनी बाइक से गायों से भरे एक संदिग्ध ट्रक/कंटेनर का पीछा कर रहे थे। आरोप है कि तस्करों ने जानबूझकर बाबा को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मौके से एक संदिग्ध युवक को पकड़े जाने की खबर है, जबकि अन्य फरार हो गए।
हाईवे पर घंटों तांडव, पुलिस की गाड़ियां तोड़ीं
बाबा की मौत की खबर मिलते ही सैकड़ों गौरक्षक और स्थानीय ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित भीड़ ने दिल्ली-आगरा हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया। इस दौरान हालात बेकाबू हो गए और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
नुकसान: पुलिस की 5-6 गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए।
पुलिस कार्रवाई: भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।
तनाव: ईद के दिन हुई इस घटना ने इलाके में सांप्रदायिक तनाव बढ़ा दिया है, जिसे देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
सीएम योगी का सख्त संदेश: "बख्शे नहीं जाएंगे दोषी"
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए प्रशासन को दोषियों को पाताल से भी ढूंढ निकालने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों और गौ-तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी।
कौन थे 'फरसा वाले बाबा'?
संत चंद्रशेखर अपने पास हमेशा एक फरसा (कुल्हाड़ी) रखते थे, जिसके कारण वे 'फरसा वाले बाबा' के नाम से विख्यात थे। वे लंबे समय से ब्रज क्षेत्र में गौ-तस्करी के खिलाफ अभियान चला रहे थे और गौरक्षकों के बीच काफी लोकप्रिय थे।
