'फरसा वाले बाबा' की मौत मामला—: गोतस्करी नहीं, कोहरे के कारण हुआ था हादसा; पुलिस ने किया खुलासा

गोतस्करी नहीं, कोहरे के कारण हुआ था हादसा; पुलिस ने किया खुलासा
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मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में प्रसिद्ध गौरक्षक साधु चंद्रशेखर उर्फ 'फरसा वाले बाबा' की मौत के बाद उपजा बवाल अब शांत होता नजर आ रहा है। मथुरा पुलिस ने इस पूरे मामले का पटाक्षेप करते हुए स्पष्ट किया है कि यह गोतस्करी या हत्या का मामला नहीं, बल्कि कोहरे के कारण हुआ एक दर्दनाक सड़क हादसा था। राजस्थान नंबर के ट्रक की संलिप्तता और गोतस्करी की अफवाहों ने क्षेत्र में तनाव पैदा कर दिया था, जिस पर अब पुलिस ने स्थिति साफ कर दी है।

कोहरे की धुंध और गलतफहमी ने बिगाड़ा खेल

पुलिस जांच के अनुसार, घटना के समय हाईवे पर घना कोहरा छाया हुआ था। गौरक्षक बाबा चंद्रशेखर ने गोवंश तस्करी के संदेह में नागालैंड नंबर के एक ट्रक को रुकवाया था।

सच्चाई: जब पुलिस और बाबा ने ट्रक की जांच की, तो उसमें गायें नहीं बल्कि डिटर्जेंट पाउडर (सर्फ) लदा हुआ था।

कैसे हुआ हादसा: जांच के दौरान ही पीछे से आ रहे एक अन्य राजस्थान नंबर के ट्रक (जो बिजली के तार लेकर जा रहा था) ने कम विजिबिलिटी के कारण बाबा चंद्रशेखर को चपेट में ले लिया। इस भीषण टक्कर में बाबा की मौके पर ही मौत हो गई।

अफवाहों से भड़का आक्रोश, पुलिस पर पथराव

जैसे ही बाबा की मौत की खबर फैली, 'गोतस्करी' की अफवाह ने आग में घी का काम किया। उग्र भीड़ ने दिल्ली-आगरा हाईवे जाम कर दिया और पुलिस पर भारी पथराव किया।

हिंसा: उपद्रवियों ने पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ की, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए।

कार्रवाई: स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा।

एसएसपी का बयान: गोतस्करी का एंगल पूरी तरह खारिज

मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि दोनों ट्रकों (नागालैंड और राजस्थान नंबर) में से किसी में भी गोवंश नहीं था। एक में ग्रोसरी का सामान था और दूसरे में बिजली के तार। यह पूरी तरह से खराब मौसम और विजिबिलिटी कम होने के कारण हुई एक दुर्घटना है। राजस्थान नंबर के ट्रक का चालक, जो अलवर का निवासी है, वह भी इस हादसे में घायल हुआ है और फिलहाल उपचाराधीन है।

राजस्थान सीमा पर सतर्कता, अफवाहों से बचने की अपील

हादसे में राजस्थान के ट्रक और चालक के शामिल होने के कारण भरतपुर और मथुरा बॉर्डर पर पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। चूंकि बाबा के अनुयायी राजस्थान के मेवात और ब्रज क्षेत्र में बड़ी संख्या में हैं, इसलिए दोनों राज्यों की पुलिस समन्वय बनाकर काम कर रही है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर चल रही भ्रामक खबरों और सांप्रदायिक अफवाहों पर ध्यान न दें।

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