ऑपेरशन "हृदशार्दूल": ANTF की बड़ी कार्रवाई: राजस्थान का मोस्ट वांटेड ड्रग माफिया शेरदिल गिरफ्तार, पुलिस ने लिया आरोपित की प्रेमिका का सहारा

राजस्थान का मोस्ट वांटेड ड्रग माफिया शेरदिल गिरफ्तार, पुलिस ने लिया आरोपित की प्रेमिका का सहारा
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​भीलवाड़ाBHN. राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक बेहद सटीक और साहसिक घेराबंदी करते हुए राज्य के टॉप-25 मोस्ट वांटेड अपराधियों में शुमार और मादक पदार्थों की तस्करी के बेताज बादशाह शेरदिल उर्फ दहू को दबोच लिया है। पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार के निर्देशन में चलाए गए "ऑपेरशन हृदशार्दूल" के तहत, भीलवाड़ा चौकी के निरीक्षक अयाज मोहम्मद, सहायक निरीक्षक अयूब खान और उनकी टीम ने फिल्मी अंदाज में कार्रवाई करते हुए 25 हजार रुपये के इस इनामी अपराधी को भीलवाड़ा के हम्मीरगढ़ इलाके स्थित ग्रीन प्लाजा होटल से एक लग्जरी गाड़ी के साथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान शेरदिल उर्फ दहू (21), पुत्र रउफ उर्फ भययु पठान , निवासी नौगावां, थाना अरनोद प्रतापगढ़ के रूप में हुई है। शेरदिल न केवल राजस्थान के टॉप-5 दुर्दांत तस्करों की सूची में शामिल था, बल्कि वह मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र तक फैले एक विशाल ड्रग सिंडिकेट का मुख्य संचालक भी था।

​शेरदिल के पकड़े जाने की कहानी किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है। वह प्रतापगढ़ के स्थानीय ठिकानों पर अफीम, एम.डी., एम.डी.एम.ए. और स्मैक जैसे 'कॉकटेल नशे' को तैयार करवाता था और फिर उसे राजस्थान से होते हुए मध्य प्रदेश के रतलाम और मुंबई स्थित अपने एजेंटों को सप्लाई करता था। पुलिस की नजरों से बचने के लिए उसने अंतर्राज्यीय तस्करी को अपना मुख्य जरिया बनाया था। लंबे समय से फरार चल रहे शेरदिल तक पहुँचने के लिए ANTF ने उसकी एक महिला मित्र का सहारा लिया। शुरुआत में वफादार रही उस महिला को जब ANTF ने शेरदिल की अन्य महिला मित्रों और उसकी 'रंगीनमिजाजी' के बारे में जानकारी देकर शक पैदा किया, तो वह बिफर उठी। गुस्से में आकर उसने न केवल शेरदिल का मोबाइल नंबर और उसकी गाड़ी की लोकेशन पुलिस को दी, बल्कि पल-पल की जानकारी साझा करना शुरू कर दिया।

​शेरदिल को अपनी बहादुरी और हथियारों का इतना गुमान था कि वह अक्सर शेखी बघारता था कि अगर पूरी राजस्थान पुलिस भी उसे घेर ले, तो वह जिंदा हाथ नहीं आएगा। लेकिन जब प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा की ANTF टीमों ने हम्मीरगढ़ के पास ग्रीन प्लाजा होटल पर डिनर करते समय उसे चारों तरफ से घेरा, तो उसके हौसले पस्त हो गए और वह बिना किसी प्रतिरोध के सरेंडर करने पर मजबूर हो गया। ताज्जुब की बात यह है कि गिरफ़्तारी के ठीक पहले वह अपनी उसी महिला मित्र से फोन पर बात कर रहा था, जो उसे पुलिस से बचने की सलाह दे रही थी। आरोपी के खिलाफ वर्ष 2022 में हथुनिया थाने में आर्म्स एक्ट और वर्ष 2025 में अरनोद थाने में एनडीपीएस व आर्म्स एक्ट के गंभीर मामले दर्ज हैं। इस बड़ी कामयाबी के बाद अब ANTF की नजर गिरोह के पांचवें बड़े किंगपिन पर है, जबकि शेरदिल से पूछताछ में तीन राज्यों में फैले ड्रग्स नेटवर्क के कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

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