अमेरिका-ईरान जंग का भारत पर असर:: गैस-तेल संकट से कारखाने ठप, गुजरात-राजस्थान और एमपी से लाखों मजदूरों का पलायन

गैस-तेल संकट से कारखाने ठप, गुजरात-राजस्थान और एमपी से लाखों मजदूरों का पलायन
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पश्चिमी एशिया में चल रहे अमेरिका-ईरान युद्ध का व्यापक असर अब भारत के औद्योगिक क्षेत्रों में गहराने लगा है। पिछले 35 दिनों से जारी इस जंग के कारण उपजे गैस और तेल संकट से गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में औद्योगिक उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। गैस व केमिकल आधारित इकाइयों में या तो काम बंद हो गया है या शिफ्टें घटा दी गई हैं। इसके चलते लाखों प्रवासी मजदूर बेरोजगार होकर वापस उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा और अपने गृह राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं। छोटे शहरों के लोग भी अपने गांवों को लौट रहे हैं।


गुजरात के सूरत में गैस पर निर्भर पावरलूम और डाइंग यूनिट्स का काम ठप होने से करीब 5 लाख श्रमिकों के पलायन का अनुमान है। दहेज, अंकलेश्वर, वापी और दादरा-नगर हवेली में भी प्लास्टिक, पैकेजिंग और पेट्रोकेमिकल उद्योग प्रभावित हुए हैं। राजस्थान के कोटपूतली स्थित केशवाना औद्योगिक क्षेत्र में गैस संकट से फैक्टरियां बंद होने लगी हैं। गुजरात के मोरबी में टाइल्स कारखाने बंद होने से जयपुर (शाहपुरा) का ट्रांसपोर्ट व्यवसाय भी ठप पड़ गया है। आजीविका ब्यूरो के अनुसार, गैस सिलेंडर की कमी के कारण जयपुर, जोधपुर और उदयपुर जैसे शहरों में ढाबा, फेरी और होटल-रेस्टोरेंट व्यवसाय पर बुरा असर पड़ा है, जिससे 10-20 प्रतिशत मजदूर पलायन कर चुके हैं।

मध्य प्रदेश में भी हालात गंभीर हैं। इंदौर और पीथमपुर के औद्योगिक क्षेत्रों में पीवीसी और प्लास्टिक कारखानों में गैस की 50 प्रतिशत कमी के चलते तीन की बजाय सिर्फ एक शिफ्ट चल रही है। इससे करीब 30 हजार लोगों का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार छिन गया है। इसके अलावा गुजरात और दिल्ली से भी रोजगार छिनने के कारण रोजाना हजारों मजदूर बसों में भरकर वापस अपने गांवों को लौट रहे हैं।

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