बेटियों को शस्त्र और शास्त्र दोनों सिखाएं, सामर्थ्यवान बनाएं: पंडित प्रदीप मिश्रा

बेटियों को शस्त्र और शास्त्र दोनों सिखाएं, सामर्थ्यवान बनाएं: पंडित प्रदीप मिश्रा
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बहु पढ़ाओ-देश बचाओ का दिया नारा, भीलवाड़ा में शिव महापुराण कथा का भव्य आगाज़

भीलवाड़ा । मेवाड़ की पावन धरा भीलवाड़ा की भूमि पर बुधवार को भक्ति, श्रद्धा और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। प्रख्यात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा 'कुबेर भंडारी' के मुखारविंद से श्री शिव महापुराण कथा का शुभारंभ मेडिसिटी ग्राउंड में हुआ। जब पंडित मिश्रा संकटमोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबूगिरी महाराज के साथ मंच पर पहुंचे, तो पूरा पांडाल 'श्री शिवाय नमस्तुभ्यं' और 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गूंज उठा। 11 लाख वर्ग फीट के विशाल मैदान में करीब साढ़े चार लाख फीट के डोम भी श्रद्धालुओं के जनसैलाब के आगे छोटे पड़ गए।

बेटियों को डंडा, तलवार और गोली चलाना सिखाएं

कथा के पहले दिन पंडित प्रदीप मिश्रा ने समाज को एक कड़ा और सशक्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बेटियों को केवल घर-गृहस्थी और शास्त्र ही मत सिखाओ, बल्कि उन्हें डंडा, तलवार और गोली चलाना भी सिखाओ। उन्होंने जोर देकर कहा कि बेटियां इतनी सामर्थ्यवान होनी चाहिए कि अपनी रक्षा स्वयं कर सकें और किसी की हिम्मत उनकी तरफ नजर उठाकर देखने की न हो। पंडित मिश्रा ने 'बहु पढ़ाओ-देश बचाओ' का नारा देते हुए कहा कि बहु शिक्षित होगी तो पूरे परिवार की पीढ़ियां योग्य बनेंगी।

कीमती आभूषण घर छोड़कर आएं श्रद्धालु

भीड़ का फायदा उठाकर होने वाली चोरियों को देखते हुए पंडित मिश्रा ने श्रद्धालुओं को विशेष सलाह दी। उन्होंने कहा, "कथा में सोने-चांदी के कीमती आभूषण पहनकर न आएं। गले में सोने का हार होगा तो चोर की नजर होगी, लेकिन गले में रुद्राक्ष होगा तो स्वयं महादेव की नजर होगी।" उन्होंने भक्ति की महिमा बताते हुए कहा कि 'एक लोटा जल, सारी समस्या का हल' ही सनातन का मूल मंत्र है।

भजनों पर झूमे श्रद्धालु, राज्यपाल भी होंगे शामिल

कथा के दौरान 'दमादम भोले शंकर' जैसे भजनों पर हजारों महिला और पुरुष श्रद्धालु झूम उठे। कथा में चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा के कई श्रद्धालुओं ने अपने पत्र पढ़कर सुनाए कि किस प्रकार शिव भक्ति से उनके कष्ट दूर हुए। आयोजन समिति के अध्यक्ष व विधायक अशोक कोठारी ने बताया कि 9 अप्रैल को सुबह 8 बजे सामूहिक नवकार मंत्र जाप का आयोजन होगा, जिसमें राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े भी शिरकत करेंगे।

व्यवस्था और सुरक्षा के कड़े प्रबंध

कथा के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन और समिति के स्वयंसेवक तैनात रहे। पार्किंग के लिए कथा स्थल के चारों ओर व्यापक प्रबंध किए गए हैं। कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होगी। पहले दिन की आरती में सांसद दामोदर अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा सहित कई गणमान्य नागरिक और भामाशाह परिवार शामिल हुए।

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