सावधान! क्या आपका पसंदीदा तरबूज दे रहा है बीमारी को दावत? मुहाना मंडी में मिलावट के खेल का पर्दाफाश

जयपुर। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए यदि आप भी बाजार से तरबूज खरीदकर गला तर कर रहे हैं, तो यह खबर आपको सतर्क करने वाली है। गुलाबी नगरी जयपुर की सबसे बड़ी फल मंडी, मुहाना मंडी में तरबूजों को कृत्रिम रंगों और रसायनों के जरिए 'जहरीला' बनाने का मामला सामने आया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बुधवार तड़के बड़ी कार्रवाई करते हुए कई संदिग्ध नमूने लिए हैं।
लाल रंग के लिए जहर और मिठास के लिए इंजेक्शन
शिकायतें मिली थीं कि तरबूज को अंदर से गहरा लाल दिखाने के लिए उसमें घातक 'एरिथ्रोसिन' (लाल रंग) और मिठास बढ़ाने के लिए 'सैक्रिन' जैसे आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल किया जा रहा है। सीएमएचओ जयपुर द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल के नेतृत्व में टीम ने मंडी में दबिश दी। यहां राजस्थान के स्थानीय इलाकों के साथ-साथ महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से आए तरबूजों की रैंडम चेकिंग की गई और 6 अलग-अलग खेपों से सैंपल लेकर फूड लैब भेजे गए।
सेहत के लिए 'धीमा जहर' है यह मिलावट
विशेषज्ञों का कहना है कि इन रसायनों का सेवन शरीर के लिए बेहद खतरनाक है। इससे न केवल पेट दर्द, उल्टी और फूड पॉइजनिंग हो सकती है, बल्कि लंबे समय तक इनका सेवन लीवर और किडनी को स्थायी रूप से डैमेज कर सकता है। बच्चों और बुजुर्गों के नर्वस सिस्टम पर भी इसका बुरा असर पड़ता है।
कैसे करें मिलावटी तरबूज की पहचान?
बाजार से तरबूज खरीदते समय आप इन आसान तरीकों से अपनी और परिवार की सुरक्षा कर सकते हैं:
रूई का टेस्ट: कटे हुए तरबूज के हिस्से पर सफेद रूई रगड़ें। अगर रूई लाल हो जाए, तो उसमें कृत्रिम रंग है।
पानी का टेस्ट: तरबूज के टुकड़े को पानी के गिलास में डालें। यदि पानी तुरंत गहरा लाल या गुलाबी हो जाए, तो समझ लें कि यह मिलावटी है।
सतह की जांच: तरबूज के छिलके पर यदि कहीं सुई चुभाने जैसा छोटा निशान या सफेद पाउडर दिखे, तो उसे खरीदने से बचें।
सावधानी ही बचाव है
डॉक्टरों की सलाह है कि हमेशा भरोसेमंद विक्रेताओं से ही फल खरीदें। बहुत अधिक गहरा लाल और 'खून जैसा' दिखने वाला तरबूज प्राकृतिक नहीं हो सकता। यदि मिलावटी तरबूज खाने के बाद तबीयत बिगड़े, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और ओआरएस या नारियल पानी का सेवन करें।
