शिक्षा विभाग की बड़ी पहल: अर्थहीन नामों से मिलेगी मुक्ति, नशेड़ी शिक्षकों पर गिरेगी गाज

जयपुर हलचल। प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और स्कूलों में अनुशासन का माहौल तैयार करने के लिए राज्य सरकार ने दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने स्पष्ट किया है कि अब बच्चों को उनके 'अजीब' नामों से मुक्ति दिलाने के साथ-साथ नशे की लत वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नाम नहीं बनेगा मजाक, विभाग देगा सार्थक विकल्प
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बुधवार को प्रेस वार्ता में कहा कि कई बार अभिभावक अनजाने में बच्चों के ऐसे नाम रख देते हैं जिनका कोई अर्थ नहीं होता या जो बड़े होने पर उपहास का कारण बनते हैं। ऐसे विद्यार्थियों को अब अपना नाम और उपनाम बदलने का अवसर दिया जाएगा। विभाग खुद करीब दो हजार सार्थक नामों की एक सूची तैयार कर रहा है, जिसे प्रवेश के समय अभिभावकों को विकल्प के रूप में दिया जाएगा ताकि बच्चों का नाम उनकी पहचान बने, मजाक नहीं।
नशे में स्कूल आने वाले शिक्षकों की खैर नहीं
सरकार ने स्कूलों में शैक्षणिक वातावरण सुधारने के लिए नशेड़ी शिक्षकों पर सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी कर ली है। मंत्री ने कहा कि जो शिक्षक शराब पीकर स्कूल आते हैं या गुटखा-तंबाकू का सेवन करते हैं, उनका बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ऐसे शिक्षकों को चिन्हित कर उनकी सूची तैयार करने के निर्देश सभी जिला अधिकारियों को दिए गए हैं। इन शिक्षकों के खिलाफ जल्द ही कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा अधिकारियों को दिए ये विशेष निर्देश:
मेधावियों का सम्मान: सरकारी स्कूलों में टॉप करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान किया जाएगा और उनके होर्डिंग भी लगाए जाएंगे।
पूर्व छात्र मिलन: स्कूलों में पूर्व छात्रों के सम्मान समारोह आयोजित होंगे ताकि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें।
प्रवेश में ढील: घुमंतू जातियों के बच्चों को अनिवार्य रूप से प्रवेश दिया जाएगा। दस्तावेजों की कमी के आधार पर किसी भी बच्चे का एडमिशन नहीं रोका जा सकेगा।
