ऑपरेशन साई-हॉक-04: पुलिस ने साइबर ठगों पर कसी नकेल, 113 जालसाज गिरफ्तार, 22 करोड़ की ठगी का खुलासा

नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस के दक्षिण-पश्चिमी जिले की साइबर सेल ने 'ऑपरेशन साई-हॉक-04' के तहत देशव्यापी छापेमारी कर साइबर अपराधियों के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। इस मेगा ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने 113 जालसाजों को दबोचा है, जिससे कुल 57 आपराधिक मामले सुलझ गए हैं। जांच में सामने आया है कि इन गिरोहों ने देश भर के मासूम लोगों से करीब 22 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि ठगी है।
सस्ते एयर टिकट के नाम पर NRI परिवारों को बनाया शिकार
पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो इंस्टाग्राम पर फर्जी ट्रैवल एजेंसी का पेज बनाकर अनिवासी भारतीयों (NRI) को सस्ते हवाई टिकट का झांसा देता था। डीसीपी दक्षिण-पश्चिम अमित गोयल ने बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड मृदुल जोशी दिल्ली, गोवा और मुंबई से अपना नेटवर्क चला रहा था। इन ठगों ने एक पीड़ित से कनाडा के टिकट के नाम पर 3.8 लाख रुपये ऐंठ लिए थे। पुलिस ने इनके पास से एक मर्सिडीज एस-क्लास कार, 47 लाख रुपये नकद और बड़ी संख्या में डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं।
लोन ऐप के जरिए उगाही और पाकिस्तान-बांग्लादेश कनेक्शन
ऑपरेशन के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने फर्जी 'लोन ऐप' के जरिए लोगों को ब्लैकमेल करने वाले गिरोह को पकड़ा है। ये अपराधी पीड़ितों का निजी डेटा चोरी कर उनकी अश्लील (मॉर्फ्ड) तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर जबरन वसूली करते थे। इस गिरोह के तार पाकिस्तान और बांग्लादेश के हैंडलर्स से जुड़े पाए गए हैं, जो वर्चुअल नंबरों के माध्यम से ठगों के संपर्क में थे।
किराए के बैंक खातों से चलता था खेल
पकड़े गए अपराधी मुख्य रूप से 'म्यूल बैंक अकाउंट' (किराए के खाते) का इस्तेमाल करते थे ताकि कानूनी एजेंसियों की पकड़ से बच सकें। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और डिजिटल फुटप्रिंट्स की मदद से दिल्ली, मुंबई और गोवा सहित कई राज्यों में दबिश देकर इन्हें गिरफ्तार किया। इस मामले में अब तक 23 नई एफआईआर दर्ज की गई हैं और देश भर में दर्ज 303 शिकायतों का निपटारा किया गया है।
प्रशासनिक स्तर पर भी बड़े बदलाव
साइबर ऑपरेशन के साथ ही दिल्ली में प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज रही। दानिक्स (DANICS) अधिकारियों के बड़े स्तर पर तबादले किए गए हैं। शिक्षा और जेल विभाग की निगरानी के लिए नए डिप्टी सेक्रेटरी नियुक्त किए गए हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को जनगणना 2027 और चुनावी तैयारियों की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
