विशिष्ट न्यायालय का फैसला: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी सन्नी को 10 वर्ष का कठोर कारावास

भीलवाड़ा (बीएचएन)। भीलवाड़ा के विशिष्ट न्यायालय (पोक्सो-01) ने नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपित सन्नी को दोषी करार दिया है। न्यायाधीश बालकृष्ण मिश्र ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
यह था मामला
एक परिवादिया ने 25 नवंबर 2024 को प्रतापनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री स्कूल गई थी, लेकिन छुट्टी के बाद घर नहीं लौटी। स्कूल और सहेलियों से पूछताछ के बाद जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तो सामने आया कि एक लडक़ा सन्नी उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था।
पुलिस जांच और गिरफ्तारी
पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर पीडि़ता को दस्तयाब किया। पीडि़ता ने बयानों में बताया कि सन्नी ने उससे दोस्ती की और उसे अपने घर ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया। पुलिस ने पीडि़ता का मेडिकल करवाकर उसे परिजनों को सौंपा और आरोपी को गिरफ्तार कर पोक्सो एक्ट व अन्य धाराओं में चार्जशीट पेश की।
न्यायालय का फैसला
विशिष्ट लोक अभियोजक धर्मवीर सिंह कानावत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए 18 गवाह और 33 दस्तावेज पेश कर आरोप साबित किए। ट्रायल के बाद न्यायालय ने आरोपित सन्नी (20) पुत्र पप्पू निवासी अंबेडकर बस्ती को अपहरण, दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में 10 वर्ष का कठोर कारावास और 50,000 रुपये के जुर्माने से दंडित किया।
