भीलवाड़ा पुलिस का धमाका: 'राजकॉप' ऐप की तीसरी आँख से दबोचे गए शातिर चोर, 10 लाख के जेवरात बरामद!

भीलवाड़ा। खाकी का इकबाल बुलंद रहे और अपराधियों में खौफ, इसी मंत्र को चरितार्थ करते हुए भीलवाड़ा की सुभाषनगर थाना पुलिस ने रोडवेज बस स्टैंड पर हुई बड़ी चोरी का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने न केवल दो शातिर चोरों को सलाखों के पीछे पहुँचाया, बल्कि चोरी किया गया 100% माल (60 ग्राम सोना) भी बरामद कर लिया है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 10 लाख रुपये बताई जा रही है।

वारदात: बुजुर्ग महिला की ममता और कमाई पर डाला था डाका

घटना 10 मार्च की है, जब आसींद निवासी जीवणी देवी अपनी रिश्तेदारी में शादी में शामिल होने जा रही थीं। रोडवेज बस स्टैंड पर बस का इंतजार करते समय एक शातिर चोर ने नजरें बचाकर उनका बैग पार कर दिया। बैग में जीवन भर की कमाई—सोने के कड़े, बोर, नथ, रामनामी और मादलिया सहित कुल 60 ग्राम सोना था।

टेक्नोलॉजी और टीम वर्क का घातक कॉम्बिनेशन

पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के कड़े निर्देशों पर थानाधिकारी कैलाश कुमार विश्नोई के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने हार नहीं मानी और:

200 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले

पुलिस ने वारदात को ट्रेस करने के लिए भीलवाड़ा से निम्बाहेड़ा तक लगभग 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरा की फुटेज खंगालते हुए चोरों का सुराग तलाशा।

राजकॉप एप्लीकेशन का इस्तेमाल कर 'फोटो मैच' फीचर से आरोपी की शिनाख्त की।

संदिग्ध को हिरासत में लेकर जब 'पुलिसिया अंदाज' में सवाल दागे, तो आरोपी टूट गया और जुर्म कबूल कर लिया।

गिरफ्तार आरोपित,एक आदतन अपराधी, दूसरा मददगार

शंभू कीर उर्फ अजय, यह शातिर बदमाश राजसमंद का रहने वाला है और पहले भी चित्तौड़गढ़ के सदर थाने में चोरी के मामले में चालान शुदा है। वहीं, महावीर सुवालका,बूंदी निवासी यह आरोपी भीलवाड़ा में किराए पर रहकर चोरी के माल को ठिकाने लगाने में शामिल था।

पुलिस टीम जिसे मिली सफलता

इस कामयाबी में थानाधिकारी कैलाश कुमार विश्नोई, उपनिरीक्षक प्रभाती लाल, हेड कांस्टेबल सतीश कुमार और कांस्टेबल निहार व अमर सिंह की अहम भूमिका रही।

सावधान! भीलवाड़ा पुलिस अब 'हाई-टेक' है। अगर आप अपराध करने की सोच रहे हैं, तो याद रखें कि राजकॉप की नजर और पुलिस के हाथ आपकी गर्दन तक पहुँचने में देर नहीं लगाएंगे।

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