राजस्थान में गैस किल्लत पर विराम:: केंद्र ने दिया 10% अतिरिक्त एलपीजी कोटा, मंत्री सुमित गोदारा की सख्त चेतावनी

जयपुर । प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर मची अफरा-तफरी के बीच राहत भरी खबर आई है। केंद्र सरकार ने राजस्थान के लिए 10 प्रतिशत अतिरिक्त कमर्शियल एलपीजी आवंटन को मंजूरी दे दी है। वहीं, राज्य सरकार ने दोटूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि प्रदेश में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है और जनता को अफवाहों से घबराने की जरूरत नहीं है।

मुख्यमंत्री ने दी बड़ी सौगात:

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि यह अतिरिक्त आवंटन प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान करेगा। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समयबद्ध और पारदर्शी सेवा का परिणाम बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेट्रोलियम क्षेत्र में किए गए सुधारों के कारण ही केंद्र से यह विशेष राहत मिली है।

मंत्री की दोटूक: बिना ओटीपी नहीं मिलेगा सिलेंडर:

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मंत्री ने माना कि कुछ स्थानों पर बिना ओटीपी (OTP) सत्यापन के सिलेंडर डिलीवरी की शिकायतें मिली हैं। इस पर सख्ती दिखाते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि:

बिना ओटीपी सत्यापन के किसी भी सूरत में सिलेंडर की डिलीवरी न की जाए।

डिलीवरी करने वाले हॉकर के लिए आईडी कार्ड पहनना अनिवार्य होगा ताकि फर्जीवाड़े पर लगाम लग सके।

जहां पाइपलाइन पहुंच चुकी है, वहां पीएनजी (PNG) कनेक्शन को प्राथमिकता दी जाए।

4 दिन में मिलेगी डिलीवरी:

सरकार ने दावा किया है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का घरेलू सप्लाई पर कोई असर नहीं है। उपभोक्ताओं को बुकिंग के 3 से 4 दिन के भीतर सिलेंडर मिल रहे हैं। ऑनलाइन बुकिंग में आ रही तकनीकी समस्याओं को भी दूर कर लिया गया है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गैस वितरण में पारदर्शिता बनी रहे और आमजन को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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