ईरान-इजरायल युद्ध: दक्षिणी इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलों का बड़ा हमला, 100 से अधिक घायल

ईरान-इजरायल युद्ध: दक्षिणी इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलों का बड़ा हमला, 100 से अधिक घायल
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तेल अवीव/बगदाद। ईरान और इजरायल के बीच जारी सैन्य संघर्ष शनिवार शाम को और अधिक भीषण हो गया है। ईरान ने इजरायल के दक्षिणी रिहायशी इलाकों और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार कर दी। इस हमले में मुख्य रूप से अराद और दिमोना शहरों को निशाना बनाया गया है। गौरतलब है कि दिमोना में इजरायल का अत्यंत महत्वपूर्ण 'शिमोन पेरेस नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर' स्थित है, जिसे ईरानी सेना ने अपना मुख्य लक्ष्य घोषित किया है।

अराद में तबाही: बच्चों सहित कई नागरिक हताहत

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, अराद के एक घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में बैलिस्टिक मिसाइल सीधे गिरी। इजरायली विदेश मंत्रालय और आपातकालीन सेवा 'मैगन डेविड एडोम' ने पुष्टि की है कि हमले में बच्चों सहित 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इनमें से करीब 4 से 6 लोगों की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अराद के मेयर यायर मायान से फोन पर चर्चा कर स्थिति का जायजा लिया और घायलों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

रक्षा प्रणाली विफल, ईरान में मौत का आंकड़ा 1500 के पार

इजरायली सेना (IDF) ने स्वीकार किया है कि उनकी उन्नत रक्षा प्रणाली दक्षिणी शहरों दिमोना और अराद पर दागी गई कुछ मिसाइलों को रोकने में पूरी तरह सफल नहीं हो सकी। दूसरी ओर, ईरानी सरकारी टेलीविजन ने स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से दावा किया है कि इस युद्ध में अब तक मरने वालों की कुल संख्या 1,500 से ऊपर पहुंच गई है।

इराक में भी भारी तनाव: खुफिया मुख्यालय पर ड्रोन हमला

युद्ध की आग पड़ोसी देश इराक तक भी पहुंच गई है। बगदाद स्थित 'इराकी राष्ट्रीय खुफिया सेवा' (INIS) के मुख्यालय पर शनिवार सुबह ड्रोन से हमला किया गया, जिसमें एक अधिकारी की मौत हो गई। बगदाद एयरपोर्ट के पास भी ईरानी ड्रोन देखे जाने की खबरें हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर तत्काल इराक छोड़ने की चेतावनी दी है। दूतावास के अनुसार, ईरान समर्थित समूह अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकते हैं।




अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होनें कहा कि अगर 48 घंटे के भीतर होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट पर हमला करेगा।

ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रविवार को लिखा, ‘अगर ईरान 48 घंटे के भीतर होर्मुज को नहीं खोलता है, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट पर हमला करेगा और उन्हें तबाह कर देगा और शुरुआत सबसे बड़े प्लांट से होगी।

वहीं, ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके पावर प्लांट को निशाना बनाया गया, तो वह मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजराइल से जुड़े सभी ऊर्जा ढांचे पर हमला करेगा।

ईरान के खातम अल-अनबिया सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फाघारी ने कहा कि ईरान अमेरिका और इजराइल से जुड़े समुद्री पानी को मीठा बनाने वाले प्लांट (डिसेलिनेशन प्लांट) और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी हमला करेगा।


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