मासूम की जिद ने ली जान: खिलौना टूटने से नाराज 11 साल के बच्चे ने फांसी लगाकर की खुदकुशी

रायबरेली । उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के कसरावा गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां महज एक प्लास्टिक के खिलौने के टूटने और जल जाने से नाराज कक्षा 7 के छात्र ने मौत को गले लगा लिया। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।

भाई-बहन के बीच हुआ था विवाद

जानकारी के अनुसार, संतोष नामक मजदूर का 11 वर्षीय पुत्र मयंक शुक्रवार सुबह अपनी बड़ी बहन मुस्कान (14) के साथ प्लास्टिक के ट्रैक्टर से खेल रहा था। इसी दौरान पिता ने किसी काम के लिए बाल्टी मांगी, जिसे लेकर भाई-बहन के बीच कहासुनी और मारपीट हो गई। विवाद बढ़ने पर मां ने दोनों बच्चों को डांटा, जिससे नाराज होकर मुस्कान ने मयंक के दोनों प्लास्टिक ट्रैक्टर जमीन पर पटक दिए और बाद में उन्हें आग के हवाले कर दिया।

गुस्से में नहीं गया स्कूल, कमरे में लगा ली फांसी

खिलौना जलने से मयंक बेहद आहत हो गया और गुस्से में स्कूल नहीं गया। परिवार के अन्य सदस्य घर के पास चल रहे निर्माण कार्य में व्यस्त हो गए। करीब दो घंटे बाद जब मयंक घर से बाहर नहीं निकला, तो मां उसे देखने कमरे में पहुंची। वहां का नजारा देखकर मां के पैरों तले जमीन खिसक गई; मयंक धान की बोरियों के ऊपर रखी बांस की बल्ली से रस्सी के सहारे फंदे पर लटका हुआ था।

अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

परिजनों और ग्रामीणों ने आनन-फानन में मयंक को फंदे से उतारकर बछरावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। छोटी सी उम्र में बच्चे द्वारा उठाए गए इस आत्मघाती कदम ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के बदलते स्वभाव और छोटी बातों पर अत्यधिक गुस्से को लेकर अभिभावकों को अधिक संवेदनशील होने की आवश्यकता है।

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