बजट से उम्मीद- 13 लाख तक की कमाई टैक्स फ्री हो सकती है; बजट में 5 बड़े ऐलान संभव

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को बजट में 5 बड़ी घोषणाएं कर सकती हैं जिससे आम लोगों के साथ ही किसानों ओर बुजुर्गों को लाभ मिलेगा ।
1. इनकम टैक्स: 13 लाख तक की कमाई टैक्स फ्री
इनकम टैक्स की नई रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन 75 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपए किया जा सकता है। इससे सैलरीड लोगों की 13 लाख रुपए की इनकम टैक्स-फ्री हो जाएगी। अभी 12.75 लाख रुपए तक कि इनकम टैक्स फ्री है।
क्यों हो सकती है घोषणा
उद्योग संगठन कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री यानी, CII ने सरकार को सुझाव दिया है कि खपत बढ़ाने के लिए लोगों के हाथ में ज्यादा पैसा छोड़ना जरूरी है। टैक्स छूट बढ़ने से लोगों की 'पर्चेजिंग पावर' बढ़ेगी। इससे इकोनॉमी को फायदा होगा।
सरकार पुरानी टैक्स रिजीम को नई टैक्स रिजीम से बदलना चाहती है। इसके लिए नई टैक्स रिजीम को फायदेमंद बनाए रखना जरूरी है। इसी मकसद से नई रिजीम में सैलरी पाने वालों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाया जा सकता है।
फायदा: मिडिल क्लास के हाथ में आने वाला पैसा बढ़ेगा। महीने में कुछ हजार रुपए की बचत हो सकती है। ये खर्च, सेविंग या निवेश में काम आएगी।
2. किसान सम्मान निधि: 50% बढ़ सकती है सालाना रकम
पीएम-किसान योजना की राशि 6 हजार से 9 हजार रुपए सालाना की जा सकती है। बीते 3 साल से इसे बढ़ाने की बात हो रही है।
क्यों हो सकती है घोषणा
2019 में योजना शुरू होने के बाद से इस रकम में बदलाव नहीं हुआ है। दिसंबर 2024 में संसदीय स्थायी समिति ने इसे दोगुना करके 12 हजार रुपए सालाना करने की सिफारिश की थी।
किसान संगठनों का कहना है कि 2019 से मिल रहे 6 हजार रुपए की कीमत महंगाई की वजह से 5 हजार रुपए रह गई है। इसलिए इसे बढ़ाकर 8 हजार से 12 हजार रुपए के बीच होना चाहिए।
नवंबर 2025 में बिहार सरकार ने किसानों को 3 हजार रुपए एक्स्ट्रा देने का ऐलान किया था। इससे वहां के किसानों को कुल 9 हजार रुपए मिलेंगे। केंद्र पूरे भारत में इसे लागू कर सकता है।
खर्च का गणित: फिलहाल करीब 11 करोड़ लोगों को किसान सम्मान निधि मिल रही है। केंद्र सरकार हर साल इस पर 60 हजार से 65 हजार करोड़ रुपए खर्च करती है। इसे बढ़ाकर 9 हजार रुपए सालाना करने पर यह खर्च बढ़कर करीब 95 हजार करोड़ सालाना हो जाएगा।
फायदा: देश के करीब 11 करोड़ किसान परिवारों को इसका फायदा मिलेगा। 3 हजार रुपए की एक्स्ट्रा राशि से किसान अपनी खेती की छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा कर सकेंगे।
3. रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर: 300+ नई अमृत भारत और वंदे भारत ट्रेनें
सरकार नई ट्रेनें चलाकर रिजर्वेशन की वेटिंग लिस्ट खत्म करना चाहती है। ऐसे में 300 से ज्यादा नई अमृत भारत और वंदे भारत ट्रेनों का ऐलान हो सकता है।
पिछले बजट में रेलवे के लिए 2.65 लाख करोड़ रुपए अलॉट किए गए थे। यह अब तक का सबसे बड़ा रेल फंड है। इस बार भी इसके बढ़ने की उम्मीद है।
क्यों हो सकती है घोषणा
सरकार 2030 तक ट्रेन रिजर्वेशन में वेटिंग लिस्ट खत्म करना चाहती है। फिलहाल पीक सीजन में डिमांड और सीट उपलब्धता में करीब 20-25% का अंतर रहता है। इसके लिए ट्रेनें बढ़ाने के साथ ट्रैक विस्तार भी करना होगा।
फायदा: ट्रेनों में रोजाना सफर करने वाले करीब 2 करोड़ लोगों को इसका फायदा होगा।
4. पीएम सूर्य घर योजना: 2 KW के सोलर पैनल पर ₹80 हजार सब्सिडी
बजट में 2 किलोवाट (KW) तक के सोलर सिस्टम पर सब्सिडी को 30 हजार प्रति किलोवाट से बढ़ाकर 40 हजार करने का ऐलान हो सकता है।
मौजूदा नियमों के मुताबिक 2 KW का सोलर सिस्टम लगवाने पर 30 हजार प्रति किलोवाट के हिसाब से कुल 60 हजार रुपए की सब्सिडी मिलती है।
अगर बजट में सब्सिडी 10 हजार रुपए प्रति किलोवाट बढ़ाई गई तो 2KW के सोलर सिस्टम पर कुल 80 हजार रुपए सब्सिडी मिलेगी। यानी 20 हजार रुपए की बचत।
वहीं 2 से 3 KW के बीच के सिस्टम के लिए सब्सिडी 18 हजार रुपए प्रति किलोवाट है। 3 KW से ऊपर के सिस्टम के लिए सब्सिडी 78 हजार रुपए पर सीमित है।
क्यों हो सकती घोषणा :
केंद्र सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक 40 लाख और 2027 तक 1 करोड़ घरों को सोलर ग्रिड से जोड़ना है। इस योजना से सरकार को अपना लक्ष्य तेजी से हासिल करने में मदद मिलेगी। दिसंबर 2025 तक 19.45 लाख से ज्यादा पैनल लग चुके हैं।
फायदा: सब्सिडी बढ़ने से 2 KW का सिस्टम लगवाने वाले परिवारों को सीधे 20 हजार रुपए की अतिरिक्त बचत होगी। इससे न केवल परिवारों को मुफ्त बिजली मिलेगी, बल्कि वे अतिरिक्त बिजली को ग्रिड को बेचकर कमाई भी कर सकेंगे।
5. आयुष्मान भारत: 60 साल से ऊपर के सभी बुजुर्गों को फायदा
सरकार आयुष्मान भारत (PM-JAY) योजना का दायरा बढ़ा सकती है। वर्तमान में 70 साल से ऊपर के बुजुर्गों को इस योजना का फायदा मिल रहा है, जिसे घटाकर 60 साल किया जा सकता है। साथ ही, सालाना ₹5 लाख के मुफ्त इलाज की लिमिट को बढ़ाया जा सकता है, ताकि कैंसर और हार्ट सर्जरी जैसी गंभीर बीमारियों का खर्च कवर हो सके।
क्यों हो सकती है घोषणा:
आउटलुक की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 60+ उम्र के बुजुर्गों में से 82% के पास कोई भी हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है। हालांकि 70+ उम्र वाले आयुष्मान में कवर है। 60 से 70 साल के बीच ऐसे बुजुर्ग जिनके पास हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है वे गंभीर बीमारियों के लिए अपनी जमापूंजी खर्च करने को मजबूर हैं। ऐसे में सरकार इन्हें राहत दे सकती हो।
फायदा: इलाज का दायरा 60 साल होने से करोड़ों नए परिवार योजना से जुड़ेंगे। वहीं इलाज की लिमिट बढ़ने से परिवारों को बड़े ऑपरेशनों के लिए कर्ज नहीं लेना पड़ेगा। मरीजों को बड़े और स्पेशलिस्ट अस्पतालों में भी मुफ्त इलाज मिल सकेगा। गंभीर बीमारियों का खर्च कवर हो सकेगा।
