महंगाई का असर:: भीलवाड़ा सर्राफा बाजार में बदला ट्रेंड, अब 14 और 18 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी की बढ़ी डिमांड

भीलवाड़ा सर्राफा बाजार में बदला ट्रेंड, अब 14 और 18 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी की बढ़ी डिमांड
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भीलवाड़ा (विजय गढ़वाल)। सोने और चांदी की कीमतों में आ रही रिकॉर्ड तोड़ तेजी ने भीलवाड़ा के सर्राफा बाजार की तस्वीर बदल दी है। आसमान छूते भावों के कारण अब आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारियों ने भी अपनी रणनीति बदल ली है। शहर के बाजारों में अब पहले जैसी रौनक कम ही नजर आ रही है, जिसके चलते कारोबारी अब कम कैरेट के किफायती आभूषणों पर फोकस कर रहे हैं।

​बजट बिगड़ा तो शुद्धता से किया समझौता


​सर्राफा व्यापारियों का मानना है कि सोने की कीमतों ने आम आदमी की पहुंच से दूरी बना ली है। पहले जहां शादियों और अन्य आयोजनों के लिए 22 कैरेट (91.6% शुद्धता) के गहनों की भारी मांग रहती थी, वहीं अब ऊंचे दामों के कारण ग्राहक सस्ते विकल्प तलाश रहे हैं। इसी का नतीजा है कि बाजार में कम शुद्धता वाले लेकिन बेहद आकर्षक और आधुनिक डिजाइन के गहनों का स्टॉक बढ़ाया जा रहा है।

​14 और 18 कैरेट का बढ़ा क्रेज

​एबी ज्वेलर्स के मनीष बहेड़िया ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में 14 और 18 कैरेट के आभूषणों की मांग में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है।

​किफायती विकल्प: 14 कैरेट सोने में शुद्धता लगभग 54.5 प्रतिशत होती है, जिससे गहनों की लागत काफी कम हो जाती है।

​शादी-ब्याह में पसंद: अब लोग भारी-भरकम गहनों के बजाय हल्के वजन और कम कैरेट के डिजाइन्स को शादियों के लिए भी पसंद कर रहे हैं।

​9 कैरेट को मान्यता: सरकार द्वारा 9 कैरेट सोने को मान्यता देने से बाजार को एक नया सहारा मिला है। बहेड़िया के अनुसार, यह उन ग्राहकों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जो कम बजट में सोने की चमक पहनना चाहते हैं।


​बदलाव के दौर में सर्राफा बाजार

​फिलहाल भीलवाड़ा का सर्राफा बाजार पूरी तरह से बदलाव के दौर से गुजर रहा है। जहां ऊंची कीमतों ने ग्राहकों की जेब पर असर डाला है, वहीं कम कैरेट की ज्वेलरी ने बाजार की बिक्री को थामने का काम किया है। व्यापारियों को उम्मीद है कि इन नए विकल्पों के साथ बाजार में फिर से स्थिरता आएगी।

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