डोडा-चूरा तस्करी मामले में अदालत का फैसला,: नागौर के नासिर को 15 साल की सजा

भीलवाड़ा बीएचएन। मिनी ट्रक से डोडा-चूरा तस्करी के मामले में ट्रक मालिक नासिर मिरासी को कोर्ट ने 15 वर्ष के कठोर कारावास और डेढ़ लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। फैसला, विशिष्ट न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट प्रकरण) जगदीशप्रसाद शर्मा ने सुनाया।
विशिष्ट लोक अभियोजक रामस्वरुप गुर्जर ने बताया कि पुर थाने के तत्कालीन प्रभारी रामावतार चौधरी ने 12 मई 2016 को पुलिस जाब्ते के साथ थाने से गश्त के लिए निकले। चौधरी ने एनएच 79 पर पहुंच कर नाकाबंदी लगाई। इस दौरान चित्तौडग़ढ़ की ओर से आये मिनी ट्रक को पुलिस ने रुकवाना चाहा तो चालक, ट्रक को भगा ले गया। शंका होने से पुलिस ने पीछा किया। चालक, ट्रक को छोडक़र फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक को चेक किया तो उसमें कट्टों और बोरियों में भरा 638 किलो डोडा-चूरा मिला, जिसे मिनी ट्रक सहित जब्त कर लिया। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच की। इस दौरान जब्त मिनी ट्रक नागौर जिले के जाटों का बास बेड़ास निवासी नासिर पुत्र बाबू खां मिरासी का होने का पता चला। पुलिस ने अनुसंधान के बाद नासिर के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट पेश की। ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने 12 गवाह और 92 दस्तावेज अदालत में पेश कर नासिर पर लगे आरोप सिद्ध करवाये। न्यायालय ने ट्रायल पूर्ण होने पर आरोपित नासिर को 15 साल के कठोर कारावास और डेढ़ लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया।
