जगदीश सिंह हत्याकांड की जांच अब सीआई राजपाल करेंगे, 15 दिन में गिरफ्तारी का आश्वासन

भीलवाड़ा बीएचएन। मांडल थाना क्षेत्र के चतरपुरा गांव में हुए जगदीश सिंह दरोगा हत्याकांड को लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी के बाहर चल रहा धरना दूसरे दिन समाप्त हो गया। जांच अधिकारी बदलने और फरार आरोपितों की 15 दिन में गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद परिजन व समाज के लोग मान गए। इसके बाद पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया।
जानकारी के अनुसार मृतक के पुत्र हिम्मत सिंह पर आरोप था कि वह चार-पांच दिन पहले एक युवती को अपने साथ ले गया था। इसी मुद्दे को लेकर एक फरवरी की शाम लड़की पक्ष ने चारभुजानाथ मंदिर में बैठक बुलाई थी। आरोप है कि जगदीश सिंह के बैठक में नहीं पहुंचने से नाराज लोगों की भीड़ उनके घर पहुंच गई। वहां परिवार के साथ मारपीट, तोड़फोड़ और आगजनी की गई।
बताया गया कि भीड़ ने जगदीश सिंह को घर से घसीटकर बाहर निकाला और बेरहमी से पिटाई की, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के लिए उन्हें उदयपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मंगलवार रात उनकी मौत हो गई। शव को भीलवाड़ा लाए जाने के बाद बुधवार सुबह से मोर्चरी के बाहर धरना शुरू हुआ, जो दूसरे दिन दोपहर तक चला।
डीएसपी राहुल जोशी और मांडल थाना अधिकारी रोहिताश्व ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से वार्ता की। डीएसपी जोशी ने बताया कि जांच अधिकारी बदलने तथा 15 दिन में फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के आश्वासन पर सहमति बनी है। अब मामले की जांच सीआई राजपाल करेंगे।
