ईमानदारी की मिसाल:: गेहूं के कट्टे में निकले 15 लाख के गहने, व्यापारी ने...

राजस्थान के पाली जिले के खैरवा गांव से ईमानदारी और इंसानियत की एक ऐसी सुखद खबर सामने आई है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। एक किसान द्वारा अनजाने में अनाज के साथ बेचे गए करीब 15 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर एक किराना व्यापारी ने पूरी ईमानदारी के साथ वापस लौटा दिए।

चोरी के डर से गेहूं में छिपाए थे जेवर

घटना के अनुसार, खैरवा गांव के किसान घीसाराम घांची की पत्नी ने चोरी के डर से घर के कीमती गहनों को एक टिफिन में भरकर गेहूं के कट्टे के बीच सुरक्षित रख दिया था। घीसाराम को इस बात की भनक तक नहीं थी कि अनाज के कट्टों के भीतर परिवार की जमा पूंजी और बेटियों के भविष्य के लिए रखे जेवर छिपे हुए हैं।

अनजाने में अनाज के साथ बिक गए गहने

करीब 15 दिन पहले किसान घीसाराम ने घर में रखा अतिरिक्त अनाज बेचने का निर्णय लिया। उसने 50-50 किलो के दो गेहूं के कट्टे स्थानीय किराना व्यापारी मांगू खान को बेच दिए। किसान को लगा कि उसने सिर्फ गेहूं बेचा है, लेकिन उन्हीं कट्टों में से एक में जेवरों से भरा वह टिफिन भी चला गया।

गेहूं खाली करते ही फटी रह गई आंखें

15 मार्च की सुबह जब व्यापारी मांगू खान ने घर में आटा पिसवाने के लिए गेहूं का कट्टा खाली किया, तो अनाज के साथ एक भारी स्टील का टिफिन नीचे गिरा। टिफिन खोलकर देखा तो मांगू खान के होश उड़ गए; उसमें सोने के हार, चूड़ियां और चांदी के भारी गहने भरे हुए थे। बाजार में इन गहनों की कीमत लगभग 15 लाख रुपए बताई जा रही है।

व्यापारी ने दिखाई ईमानदारी, भावुक हुआ किसान

इतनी बड़ी रकम के जेवर सामने होने के बावजूद मांगू खान का ईमान नहीं डगमगाया। उन्होंने तुरंत घीसाराम को फोन कर बहाने से दुकान पर बुलाया। ग्रामीणों की मौजूदगी में जब मांगू खान ने वह टिफिन किसान को सौंपा, तो घीसाराम की आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने बताया कि ये गहने उन्होंने अपनी बेटियों की शादी के लिए जोड़कर रखे थे।

आज के दौर में जहां चंद रुपयों के लिए रिश्ते बदल जाते हैं, वहां मांगू खान की इस ईमानदारी की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मांगू खान ने समाज के सामने एक बड़ी मिसाल पेश की है।

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