राजस्थान के वृद्धाश्रमों की खुलेगी पोल: हाईकोर्ट सख्त, 15 फरवरी तक सभी 31 ओल्ड एज होम्स की जांच के आदेश

जयपुर । राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश के सभी 31 वृद्धाश्रमों की स्थिति को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि इन आश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों को मिलने वाली सुविधाओं की जमीनी हकीकत की जांच की जाए। जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस संगीता शर्मा की खंडपीठ ने लोक उत्थान संस्थान की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (SLSA) और जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों (DLSA) को 15 फरवरी तक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
इन बिंदुओं पर होगी गहन जांच: हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जांच केवल कागजी नहीं होनी चाहिए। रिपोर्ट में निम्नलिखित बिंदुओं को शामिल करना अनिवार्य है:
मेडिकल सुविधा: क्या बुजुर्गों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल रही है?
भोजन की गुणवत्ता: खाने का स्तर और पौष्टिकता कैसी है?
आवास व स्वच्छता: बिल्डिंग की स्थिति, साफ-सफाई और रहने लायक माहौल।
सुरक्षा इंतजाम: परिसर में बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए क्या प्रबंध हैं।
2046 तक बच्चों से ज्यादा होंगे बुजुर्ग, सिस्टम तैयार नहीं - कोर्ट सुनवाई के दौरान बेंच ने भविष्य की गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि वर्ष 2046 तक देश में बच्चों की तुलना में बुजुर्गों की आबादी अधिक होगी, लेकिन हमारा मौजूदा सिस्टम इसके लिए तैयार नहीं दिख रहा है। कोर्ट ने आधुनिक समाज में संयुक्त परिवारों के टूटने और शहरीकरण के कारण बुजुर्गों के प्रति बढ़ती उपेक्षा पर भी नाराजगी जताई।
सम्मान के साथ जीने का हक: अदालत ने सख्त लहजे में कहा कि वृद्धाश्रम महज कागजी औपचारिकता बनकर नहीं रह सकते। वहां रहने वाले प्रत्येक बुजुर्ग को सम्मान, सुरक्षा और मानवीय गरिमा के साथ जीवन जीने का पूरा अधिकार है। 15 फरवरी को आने वाली यह रिपोर्ट प्रदेश के वृद्धाश्रमों की असल तस्वीर पेश करेगी।
भीलवाड़ा हलचल न्यूज पोर्टल पर अपनी खबर देने के लिए संपर्क करें: समाचार: प्रेम कुमार गढवाल 9413376078 (Email: [email protected], व्हाट्सएप: 9829041455) विज्ञापन: विजय गढवाल 6377364129 संपर्क कार्यालय: भीलवाड़ा हलचल, कलेक्ट्री रोड, नई शाम की सब्जी मंडी, भीलवाड़ा फोन: 7737741455.
