रेलवे की सुरक्षा में बड़ी सेंध:: स्टेशन पर मिला खुफिया कैमरा, 18 दिनों तक पाकिस्तान भेजी गई लाइव फुटेज

स्टेशन पर मिला खुफिया कैमरा, 18 दिनों तक पाकिस्तान भेजी गई लाइव फुटेज
X

सोनीपत । भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था में एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज सेंधमारी का मामला प्रकाश में आया है। सोनीपत रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर पांच पर एक खुफिया कैमरा लगाकर संवेदनशील जानकारियां सीधे सीमा पार पाकिस्तान भेजने का खुलासा हुआ है। यह कैमरा करीब 18 दिनों तक सक्रिय रहा और स्टेशन की हर गतिविधि को रिकॉर्ड कर लाइव प्रसारण कर रहा था।

पाकिस्तानी हैंडलर से सीधे जुड़ा था कनेक्शन

गाजियाबाद पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की संयुक्त टीम ने मुख्य आरोपी प्रवीन को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर यह जासूसी उपकरण बरामद किया है। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि इस कैमरे की लाइव रिकॉर्डिंग सीधे एक पाकिस्तानी हैंडलर के मोबाइल पर जा रही थी। यह आरोपी गाजियाबाद में हाल ही में पकड़े गए एक बड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा है, जो व्हाट्सएप के जरिए मिलने वाले निर्देशों पर रेलवे प्रतिष्ठानों की जासूसी कर रहा था।

दिल्ली कैंट में भी बिछाया था जासूसी का जाल

जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क ने केवल सोनीपत ही नहीं, बल्कि दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर भी इसी तरह का खुफिया कैमरा लगाया था। हालांकि, वहां आरपीएफ की मुस्तैदी के चलते उसे समय रहते बरामद कर लिया गया था। आरोपी प्रवीन फिलहाल सात दिन के पुलिस रिमांड पर है, जिससे इस नेटवर्क के अन्य गुर्गों और उनके ठिकानों के बारे में कड़ी पूछताछ की जा रही है।

18 दिनों तक सोता रहा प्रशासन, सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा ऑडिट और सतर्कता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। 26 फरवरी से लगा यह कैमरा 18 दिनों तक सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से कैसे बचा रहा, यह जांच का विषय है। सोमवार को ओएचई पोल (नंबर 42/27) पर कैमरा दिखने के बाद भी प्रशासन ने शुरुआती तौर पर केवल कपड़ा बांधकर इसे दबाने की कोशिश की। तकनीकी विशेषज्ञ अब यह पता लगा रहे हैं कि कैमरा सिम आधारित था या वाई-फाई से संचालित और डेटा केवल लाइव भेजा जा रहा था या कहीं स्टोर भी किया गया है। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां इस संवेदनशील मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही हैं।

Next Story