बजट 2026-27: बजट भाषण में वित्त मंत्री बोलीं- इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं'

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज रविवार को संसद में देश का आम बजट 2026 पेश कर रही हैं। बजट से पहले उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और केंद्रीय कैबिनेट ने भी बजट प्रस्तावों पर अपनी मुहर लगा दी है।

9वीं बार बजट पेश कर रचेंगी इतिहास

निर्मला सीतारमण आज अपना लगातार 9वां बजट पेश कर रही हैं, जिसमें एक अंतरिम बजट भी शामिल है। इसके साथ ही वह भारत के संसदीय इतिहास में सबसे ज्यादा बार बजट पेश करने वाली पहली महिला वित्त मंत्री बन गई हैं। खास बात यह है कि पिछले चार वर्षों की तरह इस बार भी बजट पेपरलेस (डिजिटल) रूप में पेश किया जा रहा है।

भीलवाड़ा की 'टेक्सटाइल सिटी' की नजरें GST और बिजली पर

राजस्थान के 'मैनचेस्टर' कहे जाने वाले भीलवाड़ा के कपड़ा उद्यमियों को इस बजट से काफी उम्मीदें हैं। व्यापारियों की मुख्य मांगें हैं:

GST दरों का सरलीकरण: इनपुट टैक्स क्रेडिट और GST की जटिलताओं को कम किया जाए।

निर्यात को बढ़ावा: वैश्विक अनिश्चितता के बीच कपड़ा निर्यात के लिए विशेष पैकेज और सब्सिडी।

बिजली और लागत: उत्पादन लागत कम करने के लिए बिजली दरों और कच्चे माल पर ड्यूटी में राहत।

मिडिल क्लास और व्यापारियों की 'बड़ी आस'

टैक्स में छूट: नौकरीपेशा वर्ग को उम्मीद है कि Standard Deduction को ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 किया जा सकता है, जिससे 13 लाख तक की आय टैक्स फ्री हो सकती है।

व्यापारी वर्ग: MSME सेक्टर के लिए ऋण की आसान उपलब्धता और नियमों (Compliance) के बोझ को कम करने की मांग।

महंगाई पर वार: आम आदमी को उम्मीद है कि खाद्य तेल और ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार बड़े कदम उठाएगी।

संडे स्पेशल बजट

साल 2017 से बजट एक फरवरी को ही पेश किया जा रहा है, लेकिन इस बार रविवार होने के बावजूद सरकार ने परंपरा बरकरार रखते हुए आज ही बजट पेश करने का फैसला किया है। 2019 में 'बही-खाता' की परंपरा शुरू करने वाली सीतारमण अब टैबलेट के जरिए 'विकसित भारत 2047' का रोडमैप पेश कर रही हैं।

Live Updates

  • 1 Feb 2026 11:13 AM IST

    यह युवा शक्ति से प्रेरित बजट है- वित्त मंत्री

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा- सरकार 'विकसित भारत' की दिशा में मजबूत कदम उठाना जारी रखेगा। भारत वैश्विक बाजार के साथ गहनता से जुड़ा रहेगा। मैं पार्ट-ए की शुरुआत करते हुए इस देश के नागरिकों का आभार प्रकट करना चाहूंगा, जिन्होंने इस देश को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनाया है। हमने सुनिश्चित किया है कि किसानों, अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों, युवाओं, महिलाओं, गरीबों को लाभ मिलता रहे। यह युवा शक्ति से प्रेरित बजट है। हमारी सरकार का संकल्प गरीब, हाशिए पर पड़े लोगों पर ध्यान देना है। कर्तव्य भवन में यह बजट बना है। पहला कर्तव्य है- आर्थिक विकास को सतत तरीके से बढ़ाना। दूसरा कर्तव्य है- जनआकांक्षाओं को पूरा करना। तीसरा कर्तव्य है- सबका साथ, सबका विकास। यह सुनिश्चित करना कि सभी को संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक समान रूप से पहुंच मिले।

  • 1 Feb 2026 11:12 AM IST

    बजट भाषण को आगे बढ़ाते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बड़े विजन की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अब दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह पक्की कर रहा है और सरकार का लक्ष्य इस विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुँचाना है।

    चार स्तंभों पर टिका है बजट: किसान, आदिवासी, महिला और युवा

    वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आर्थिक विकास (Growth) के नतीजे केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इन्हें सीधे तौर पर इन वर्गों तक पहुँचाया जाएगा:

    किसान: कृषि उत्पादकता बढ़ाने और उनकी आय को सुरक्षित करने के लिए नए सुधार।

    महिलाएं (नारी शक्ति): महिला सशक्तिकरण और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की योजनाएं।

    युवा: कौशल विकास और नए रोजगार के अवसरों पर विशेष ध्यान।

    आदिवासी: वंचित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा और कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार।

    भीलवाड़ा के युवाओं और उद्यमियों में जगी उम्मीद

  • 1 Feb 2026 11:09 AM IST

      7% की ग्रोथ रेट मिली

    सीतारमण ने कहा कि हमने लोगों की यूनिवर्सल सर्विस पर ध्यान दिया है। इससे 7% की ग्रोथ रेट हासिल करने में मदद मिली है।

    हम विकसित भारत के विजन की तरफ काम करते रहेंगे। हम ग्लोबल मार्केट के साथ लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के विजन के साथ अलाइन रहेंगे।

  • 1 Feb 2026 11:08 AM IST

     हमने दूरगामी ढांचागत सुधार किए हैं- वित्त मंत्री

    निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण की शुरुआत करते हुए कहा, 'माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास की जयंती के अवसर पर मैं यह बजट पेश कर रही हूं। बीते 12 साल के दौरान अनिश्चितताओं के बावजूद हमने स्थिर अर्थव्यवस्था को बनाए रखा है। हमने दूरगामी ढांचागत सुधार किए हैं। आत्मनिर्भरता को प्रमुख उद्देश्य बनाए रखा है। आयात पर निर्भरता को घटाया है। हमने सुनिश्चित किया है कि नागरिकों को इसका लाभ मिले, कृषि उत्पादकता बढ़े और परिवारों की क्रय शक्ति बढ़े। इन उपायों की वजहों से सात फीसदी की विकास दर हासिल हुई है। इससे गरीबी उन्मूलन और लोगों के जीवन में सुधार हासिल हो सका है।

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