कोठारी नदी पुलिया पर कोहरे का कहर-: आधा दर्जन वाहनों की भीषण भिड़ंत, तीन की दर्दनाक मौत, दर्जनभर घायल

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भीलवाड़ा बीएचएन ।घने कोहरे ने शुक्रवार सुबह एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग को मौत का रास्ता बना दिया। मांडल थाना क्षेत्र में कोठारी नदी की पुलिया पर अचानक हुए भीषण हादसे में करीब आधा दर्जन वाहन आपस में टकरा गए। चंद पलों में सडक़ चीख पुकार और मलबे के ढेर में तब्दील हो गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।



​प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सुबह अंधेरे और घने कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम थी। वाहन चालकों को सामने कुछ नजर नहीं आ रहा था। इसी दौरान एक वाहन के अचानक रुकने से पीछे आ रहे अन्य वाहन उससे टकराते चले गए और देखते ही देखते कई गाडिय़ां पुलिया पर आपस में भिड़ गईं। एक कार बुरी तरह पिचक गई, जबकि ट्रक और ट्रेलर बूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। कई लोग वाहनों में फंस गए और मदद के लिए चीखने लगे।ग्रामीणों और राहगीरों ने अपनी जान जोखिम में डालकर शीशे तोडक़र घायलों को बाहर निकाला, लेकिन तीन जिंदगियों को बचाया नहीं जा सका। सूचना मिलते ही मांडल थाना पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा।


मांडल थाने के सहायक उप निरीक्षक कैलाशचंद्र धाबाई ने बताया कि जिले में पिछले दो दिनों से घना कोहरा छाया हुआ है। शुक्रवार सुबह कोठारी नदी पुलिया पर एक के बाद एक वाहन टकरा गए। शुरुआती हादसे में ट्रेलर चालक माताजी का खेड़ा भिनाय निवासी पोलू पुत्र करणा रावत की मौत हो गई। इसके बाद जब अन्य वाहन चालक और स्टाफ घायलों को बचाने नीचे उतरे, तभी तेज रफ्तार से आ रहे वाहन ने उन्हें चपेट में ले लिया।


इस दौरान थाणा मुंबई निवासी मिनी बस चालक सुनील पुत्र खेमराज कुमावत तथा पाडला कैथल हरियाणा निवासी ट्रक चालक राकेश पुत्र राजाराम बैरवा की भी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार सुनील यात्री बस का चालक था और वह घायलों की मदद के लिए बस से उतरते ही हादसे का शिकार हो गया।

घायलों में कार सवार गंगादेवी गुर्जर और नीलम गुर्जर निवासी चित्तौडग़ढ़ तथा अन्य वाहनों से उतरे शीशगढ़ उत्तर प्रदेश निवासी तकसीर अहमद खतीक अहमद और जाहिर अली शामिल हैं। इन सभी का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। कुछ अन्य लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।


​चार किलोमीटर तक रेंगा ट्रैफिक

हादसे के बाद चित्तौडग़ढ़ अजमेर राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब चार किलोमीटर लंबा जाम लग गया। चारों ओर अफरा तफरी का माहौल रहा। जाम इतना भीषण था कि 108 एंबुलेंस को घटनास्थल तक पहुंचने में भारी परेशानी हुई। स्थानीय लोगों ने निजी वाहनों से घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

अधिकारी पहुंचे मौके पर

हादसे की सूचना मिलते ही मांडल डीएसपी राहुल जोशी, थाना पुलिस के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। क्रेन और अन्य संसाधनों की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाया गया और घंटों की मशक्कत के बाद यातायात सुचारु कराया जा सका।

जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू और पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों से बातचीत कर उनकी स्थिति जानी और चिकित्सकों को समुचित इलाज के निर्देश दिए।

​सावधानी संदेश: भीलवाड़ा हलचल अपने पाठकों से अपील करता है कि घने कोहरे के दौरान वाहनों की रफ्तार धीमी रखें और फॉग लाइट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें। सुरक्षित रहें।

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