युद्ध की आग में भी पिघला सोना!: रिकॉर्ड हाई से 31 हजार रुपये औंधे मुंह गिरा, कच्चे तेल ने बिगाड़ा सारा खेल

नई दिल्ली । ईरान और उसके दुश्मनों के बीच चल रहा भीषण युद्ध पांचवें हफ्ते में प्रवेश कर चुका है, पूरी दुनिया बारूद के ढेर पर बैठी है, लेकिन संकट के समय सबसे सुरक्षित निवेश माना जाने वाला 'सोना' इस बार बुरी तरह पिघल गया है। वैश्विक तनाव के बीच भी सोना अपने रिकॉर्ड हाई से 31,000 रुपये औंधे मुंह गिर चुका है, जिसने निवेशकों की नींद उड़ा दी है। कॉमेक्स पर सोने का वैश्विक भाव इस हफ्ते 4,679.70 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ, वहीं MCX पर भारत में सोने की कीमत 1,49,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आकर टिक गई। एक समय सोने ने 1,80,779 रुपये का अपना सर्वकालिक उच्चतम स्तर छुआ था, लेकिन अब यह अपने शिखर से 17 फीसदी नीचे आ गिरा है। हालांकि इस हफ्ते सोने में 2.2 फीसदी की मामूली बढ़त जरूर दिखी, लेकिन युद्ध के हालात देखते हुए यह ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुई है। इस पूरे उलटफेर के पीछे कच्चे तेल का खौफनाक उछाल है। एसएस वेल्थस्ट्रीट की संस्थापक सुगंधा सचदेवा के अनुसार, इस हफ्ते कच्चा तेल 10 फीसदी से ज्यादा उछल गया है। तेल की कीमतों में लगी इस आग ने दुनियाभर में महंगाई का खौफ बढ़ा दिया है। महंगाई बढ़ने के डर से अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें लगभग खत्म हो गई हैं। ब्याज दरें ऊंची रहने से डॉलर लगातार ताकतवर हो रहा है, और मजबूत डॉलर की मार ने सोने की चमक को पूरी तरह फीका कर दिया है। 28 फरवरी को ईरान संघर्ष भड़कने के बाद से सोने में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। जंग का डर सोने को ऊपर खींचने की कोशिश करता है, लेकिन महंगे तेल और मजबूत डॉलर का हथौड़ा उसे वापस नीचे धकेल रहा है। बाजार के मौजूदा हालात बता रहे हैं कि इस बार खौफजदा निवेशक सोने से ज्यादा डॉलर को अपनी तिजोरी का सुरक्षित ठिकाना मान रहे हैं।
