पिता ने पुत्र पर कुल्हाड़ी से किया था जानलेवा हमला, न्यायालय ने सुनाई 4 वर्ष के कारावास की सजा

भीलवाड़ा हलचल। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या 3 (शिविर मांडलगढ़) अमित कुमार ने हत्या के प्रयास के एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सतीश कुमार उर्फ मोंटू शर्मा को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने अभियुक्त को 4 वर्ष के कठोर कारावास और 50,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
पुश्तैनी पेड़ काटने के विवाद में पुत्र पर किया वार
प्रकरण के तथ्यों के अनुसार, मामला थाना बीगोद क्षेत्र के ग्राम खटवाड़ा का है। आरोपित सतीश कुमार शर्मा अपनी पुश्तैनी संपत्ति पर स्थित बबूल के पेड़ को काट रहा था। इसी दौरान उसका पुत्र रमेश वहां पहुंचा और उसने पेड़ काटने से मना किया। इस बात से आक्रोशित होकर सतीश कुमार शर्मा ने अपने ही पुत्र की गर्दन पर कुल्हाड़ी से जानलेवा वार कर दिया था।
गंभीर हालत में उदयपुर करना पड़ा था रेफर
हमले में रमेश गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत उपचार हेतु बीगोद ले जाया गया। हालत नाजुक होने के कारण उसे वहां से भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय और फिर बेहतर उपचार के लिए उदयपुर रेफर किया गया। इस संबंध में बीगोद पुलिस ने दो अक्टूबर 2०14 को प्रकरण दर्ज कर पुलिस ने धारा 307, 341, 323 और 324 के तहत अनुसंधान पूर्ण कर 19 नवंबर 2014 को चालान न्यायालय में पेश किया।
न्यायालय में प्रभावी पैरवी और सजा
विचारण के दौरान लोक अभियोजन अधिकारी अनुराग आचार्य ने न्यायालय में 12 गवाह और 11 दस्तावेजी साक्ष्य पेश कर प्रभावी पैरवी की। अभियोजन पक्ष के तर्कों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने माना कि आरोपित ने परिवादी की हत्या करने के आशय से बेरहमी से वार कर गंभीर चोटें पहुंचाई थीं। न्यायाधीश अमित कुमार ने अभियुक्त सतीश कुमार शर्मा को हत्या के प्रयास (धारा 307) सहित अन्य धाराओं में दोष सिद्ध करते हुए 4 वर्ष के कारावास और 52 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया।
