14 साल की फरारी का 'द एंड':: चिनाई कारीगर को लूटने वाला 5 हजारी इनामी भरत मीणा चढ़ा आसींद पुलिस के हत्थे

चिनाई कारीगर को लूटने वाला 5 हजारी इनामी भरत मीणा चढ़ा आसींद पुलिस के हत्थे
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भीलवाड़ा (बीएचएन)। कानून के हाथ लंबे होते हैं, यह कहावत एक बार फिर सच साबित हुई है। आसींद थाना पुलिस ने 14 साल पुराने लूट के मामले में फरार चल रहे 5 हजार रुपये के इनामी बदमाश को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी भरत मीणा साल 2012 से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था।

मजदूरी कर लौट रहे कारीगर को बनाया था निशाना

पुलिस के अनुसार, लूट की यह वारदात वर्ष 2012 में महाराजपुरा चौराहे पर हुई थी। सूलवाड़ा निवासी चिनाई कारीगर रघुनाथ बलाई दिनभर की मेहनत-मजदूरी कर अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान बोलेरो सवार पांच बदमाशों ने उसे रास्ते में रोक लिया। बदमाशों ने रघुनाथ के साथ बेरहमी से मारपीट की और उसके पास मौजूद सात हजार रुपये की नकदी व गले से सोने का मांदलिया लूटकर फरार हो गए थे।

चार साथी पहले ही धराए, एक की हो चुकी मौत

लूट के इस सनसनीखेज मामले में आसींद पुलिस ने पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जिनमें से एक आरोपी की कालकवलित (मौत) भी हो चुकी है। लेकिन पांचवां आरोपी भरतलाल मीणा (35) पुत्र लल्लूराम निवासी परमानंदपुरा (जयपुर दक्षिण) लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी न होने पर पुलिस अधीक्षक द्वारा 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

मांडल इलाके से दबोचा गया शातिर

थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम, जिसमें सुरेंद्र कुमार, भानू प्रकाश व महेंद्र शामिल थे, ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर जाल बिछाया। पुलिस ने वांछित इनामी आरोपी भरत को मांडल थाना क्षेत्र से डिटेन किया और पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। 14 साल बाद हुई इस गिरफ्तारी ने अपराधियों को साफ संदेश दिया है कि अपराध का हिसाब होकर ही रहता है।

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