भीलवाड़ा में भक्ति का सैलाब:: दूसरे दिन उमड़ा 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का जनसमूह, पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा- 'मंथरा' से बचाएं अपना घर

दूसरे दिन उमड़ा 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का जनसमूह, पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा- मंथरा से बचाएं अपना घर
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भीलवाड़ा हलचल। मेवाड़ की धरा भीलवाड़ा में 'कुबेर भंडारी' पंडित प्रदीप मिश्रा के मुखारविंद से प्रवाहित हो रही श्री शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन आस्था और भक्ति के सारे रिकॉर्ड टूट गए। मेडिसिटी ग्राउंड के साढ़े चार लाख वर्ग फीट में फैले विशाल डोम और पांडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भर गए। स्थिति यह रही कि पैर रखने की जगह नहीं बची और हजारों श्रद्धालु पांडाल के बाहर खुले मैदान और सड़क किनारे जहां जगह मिली, वहीं बैठकर कथा श्रवण करने लगे।

मंथरा की बातों पर न दें ध्यान, वरना टूट जाएगा घर

कथा के दूसरे दिन पंडित प्रदीप मिश्रा ने शिव महापुराण के प्रसंगों के माध्यम से जीवन दर्शन की सीख दी। उन्होंने कहा कि हर शहर और परिवार में आज भी कोई न कोई 'मंथरा' घूमती रहती है, जो कानों में धीमा जहर घोलकर घर तोड़ने का कार्य करती है। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि मंथरा यह देखती है कि माता-पिता के संस्कार कैसे हैं। यदि आपने मंथरा की बातों पर ध्यान दिया तो घर टूटना निश्चित है। दूसरों की बातों में आकर बिगड़े हुए जीवन को शिव महापुराण की कथा ही सुधार सकती है।

पत्नी के साथ सात फेरे लेते ही पुरुष बन जाता है पशुपतिनाथ

पंडित मिश्रा ने दांपत्य जीवन और संस्कारों पर चर्चा करते हुए कहा कि विवाह के समय सात फेरे लेते ही व्यक्ति पशुपतिनाथ का स्वरूप बन जाता है। उन्होंने पत्नी के महत्व को समझाते हुए कहा कि उसे कभी यह न कहें कि वह दिन भर क्या करती है। पति का आधा तनाव पत्नी झेल लेती है, इसीलिए वह 'अर्धांगिनी' कहलाती है। जब वह भोजन कराती है तो ममतामयी मां बन जाती है और पति पर संकट आने पर 'चामुंडा' बनकर ढाल बन जाती है।

12 ज्योतिर्लिंग नहीं जा सकते तो घर के पास चढ़ाएं जल

महाराजश्री ने कहा कि तीर्थ यात्रा और 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन से मनुष्य की तकदीर बदल जाती है। यदि कोई वहां जाने में असमर्थ है, तो अपने घर के पास स्थित शिवालय में एक लोटा जल चढ़ाए, महादेव उसे भी स्वीकार करते हैं। उन्होंने अहंकार और अभिमान के त्याग पर जोर देते हुए कहा कि जब इंसान दुनिया की ठोकरें खा लेता है और कोई आसरा नहीं दिखता, तब महादेव की शरण ही भाग्य बदल देती है।

भजनों पर झूमे श्रद्धालु

कथा के दौरान जब पंडित मिश्रा ने "वो काशी रहने वाला बाबा भोलेनाथ चाहिए" और "अपनी किस्मत का ताला खोलते चलो, श्री शिवाय नमस्तुभ्यं बोलते चलो" जैसे भजन गाए, तो पूरा पांडाल झूम उठा। इस दौरान उन्होंने भीलवाड़ा की बीना यादव, रेणु सोमानी सहित उन श्रद्धालुओं को मंच पर बुलाकर बिल्व पत्र भेंट किए, जिनके पत्रों में शिव भक्ति से कष्ट दूर होने की आपबीती दर्ज थी।

हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने लिया आशीर्वाद

कथा के दूसरे दिन जयपुर के हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य भी व्यास पीठ का आशीर्वाद लेने पहुंचे। कार्यक्रम में महंत बाबूगिरी महाराज, संतदास महाराज, आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक सुरेश जी, दीपक जी, विधायक अशोक कोठारी, राधेश्याम सोमानी, सुनील जागेटिया सहित आयोजन समिति के पदाधिकारी और शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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