जिंदल सॉ लिमिटेड की साख पर संकट:: मेन गेट पर धरने से काम-काज ठप, प्रतिदिन 5 करोड़ का नुकसान, पुलिस ने दर्ज की FIR

भीलवाड़ा (प्रेमकुमार गढ़वाल )। औद्योगिक क्षेत्र पुर में स्थित जिंदल सॉ लिमिटेड के मुख्य द्वार पर ग्रामीणों द्वारा दिए जा रहे धरने ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। कंपनी का रास्ता अवरुद्ध करने और उत्पादन ठप करने के आरोप में पुर थाना पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। कंपनी प्रबंधन का दावा है कि इस गतिरोध के कारण उन्हें प्रतिदिन करोड़ों रुपये का वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है।
17 मार्च से जारी है घेराबंदी, कच्चे माल की आवक रुकी
जिंदल सॉ लिमिटेड के लीगल हेड जीत सिंह पंवार द्वारा पुर थाने में दी गई रिपोर्ट के अनुसार, 17 मार्च से दरीबा-समोड़ी सहित आसपास के गांवों के लगभग 50-60 लोगों ने कंपनी के मेन गेट पर डेरा डाल रखा है। प्रदर्शनकारियों ने रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है, जिससे न तो कच्चा माल (रॉ मटेरियल) अंदर आ पा रहा है और न ही तैयार माल बाहर भेजा जा पा रहा है। स्थिति यहाँ तक पहुँच गई है कि कंपनी के कर्मचारी भी ड्यूटी पर नहीं आ-जा पा रहे हैं, जिससे पूरी उत्पादन इकाई ठप पड़ी है।
प्रतिदिन 5 करोड़ का फटका, सरकार को भी राजस्व की हानि
रिपोर्ट में इस बात का विशेष उल्लेख किया गया है कि इस हड़ताल और रास्ते के अवरुद्ध होने से कंपनी को प्रतिदिन लगभग 5 करोड़ रुपये का सीधा आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसके अलावा, समय पर डिलीवरी न होने के कारण अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर कंपनी के ऑर्डर रद्द हो रहे हैं, जिससे उसकी व्यावसायिक साख को गहरा धक्का लगा है। लीगल हेड ने बताया कि इस व्यवधान से न केवल कंपनी बल्कि सरकार को मिलने वाले भारी-भरकम राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
पुलिस ने शुरू की जांच, प्रदर्शनकारियों में हड़कंप
पुर थाना पुलिस ने प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर गहनता से जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब उन मुख्य चेहरों की पहचान कर रही है जिन्होंने इस धरने का नेतृत्व किया और गैर-कानूनी तरीके से रास्ता रोका। कंपनी प्रबंधन ने प्रशासन से जल्द से जल्द रास्ता खुलवाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
