बड़ा हादसा,: नैना देवी से लौट रही श्रद्धा की सवारी बनी मौत की सवारी: लुधियाना में नहर में गिरी पिकअप, 6 की मौत, 2 लापता

नैना देवी से लौट रही श्रद्धा की सवारी बनी मौत की सवारी: लुधियाना में नहर में गिरी पिकअप, 6 की मौत, 2 लापता
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लुधियाना

श्रद्धा की राह पर निकले लोग जब लौट रहे थे, तब किसे पता था कि उनके गांव की ओर बढ़ता यह सफर बीच रास्ते में ही थम जाएगा। नैना देवी के दर्शन कर लौट रहे मनकवाल गांव के श्रद्धालुओं से भरी एक पिकअप गाड़ी रविवार रात सिरहिंद नहर में गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2 अब भी लापता हैं। मृतकों में 2 मासूम बच्चे, 3 महिलाएं और 1 पुरुष शामिल हैं।

घटना स्थल पर बिखरी चप्पलें, रोते-बिलखते परिजन और बहते आंसू... यह मंजर दिल को झकझोर देने वाला था। रात के सन्नाटे को चीख-पुकार ने चीर दिया जब पिकअप मलेरकोटला रोड स्थित जगेड़ा नहर पुल के पास अचानक अनियंत्रित होकर पानी में समा गई।





मौके पर मची अफरा-तफरी, स्थानीय लोगों ने शुरू किया बचाव कार्य

घटना होते ही वहां मौजूद ग्रामीणों और राहगीरों ने अपनी जान जोखिम में डालकर राहत कार्य शुरू किया। कुछ ही देर में पुलिस, गोताखोर और रेस्क्यू टीमें भी मौके पर पहुंचीं। खन्ना की एसएसपी ज्योति यादव ने बताया कि “25 सवारों में से 22 को सुरक्षित निकाल लिया गया है, लेकिन 6 को नहीं बचाया जा सका। 2 श्रद्धालु अब भी लापता हैं।”




श्रद्धा, लापरवाही और अंधविश्वास की त्रासदी

इस हादसे ने कई सवाल भी खड़े किए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जिस महिंद्रा पिकअप में यह लोग सवार थे, उसकी क्षमता महज 10-12 लोगों की थी, जबकि इसमें 25 लोग बैठे थे। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या श्रद्धा और आस्था के नाम पर हम हर बार सुरक्षा से समझौता करते रहेंगे?

दर्शन की राह से मौत की ओर

मनकवाल गांव के 25 लोग 26 जुलाई को नैना देवी मंदिर दर्शन के लिए रवाना हुए थे। श्रद्धा से भरे इन लोगों ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि दर्शन के बाद वापसी का रास्ता ही जीवन की अंतिम यात्रा बन जाएगा।

प्रशासन मौके पर, लापता की तलाश जारी




लुधियाना के डीसी हिमांशु जैन और एसएसपी ज्योति यादव खुद मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी की। सिंचाई विभाग से नहर के जलस्तर को कम करने का आग्रह किया गया है ताकि लापता लोगों की खोज में सहायता मिल सके।

पायल के विधायक मनविंदर ज्ञासपुरा ने हादसे के बाद कहा, "यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, एक चेतावनी है। अब समय आ गया है कि श्रद्धालुओं की यात्रा में सुरक्षा के मानकों को सख्ती से लागू किया जाए।"

गांव में मातम, हर चेहरा उदास

मनकवाल गांव में अब शोक की लहर है। हर गली में सन्नाटा है और हर दरवाजे पर मातम पसरा है। सरपंच केसार सिंह ने बताया कि मृतकों के शवों को गांव लाया जा रहा है और प्रशासन से मुआवजे की मांग भी की जा रही है।

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