जेलों में अवांछित गतिविधियों की सूचनाओं देने वाले जेल प्रहरी व मुख्य प्रहरी को मिलेगा ईनाम

भीलवाड़ा बीएचएन। प्रदेश की जेलों में हो रहे मिलीभगत के खेल पर अब जेल विभाग सख्त है। किसी न किसी तरह से इस खेल को रोकने के लिए जेल विभाग प्रयासरत है। इसी के तहत अब जेल विभाग द्वारा जेलों में अवैध गतिविधियों की सूचना देने वाले जेल प्रहरी व मुख्य प्रहरी को अब ईनाम दिया जायेगा। बेशर्त की सूचना सही हो। इतना ही नहीं सूचना अतिमहत्वपूर्ण होने पर ऐसे कार्मिकों की विशेष पदोन्नति के प्रस्ताव पर भी विभाग द्वारा विचार किया जा सकता है। इस संबंध में महानिदेशक कारागार गोविन्द गुप्ता ने एक आदेश जारी किया है।

जेल महानिदेशक ने आदेश में कहा है कि प्राय: यह देखा गया है कि जेलों में तैनात प्रहरी या मुख्य प्रहरी आदि कार्मिकों को अवैध गतिविधियों जैसे प्रतिबंधित सामग्री आदि की जानकारी होती है। लेकिन विभिन्न कारणों से इन सूचनाओं पर कार्यवाही नहीं हो पाती है या ये कार्मिक उचित स्तर पर सूचना उपलब्ध नहीं करवा पाते हैं। यह भी स्पष्ट है कि गतिविधियों के संदर्भ में विभागीय या पुलिस कार्यवाही होने पर सबसे पहले निम्न स्तर के कर्मचारी और अधिकारियों पर ही जिम्मेदारी तय की जाकर सख्त कार्यवाही की जाती है।

ऐसा हो तो पाया जा सकता है नियंत्रण

आदेश में कहा गया कि, यदि इन छोटे पदों के कर्मियों को यदि विश्वास हो कि उनकी गोपनीयता, उनकी सुरक्षा एवं उनके द्वारा प्रदत्त सूचनाओं पर प्रभावी कार्यवाही होगी तो वे, इनगतिविधियों के संचलन पर प्रभावी नियंत्रण हो सकता है।

.. तो मिलेगा ईनाम, पदोन्नति पर भी होगा विचार

जेल महानिदेशक ने आदेश में कहा कि कारागार विभाग के प्रहरी या मुख्य प्रहरी आदि को कारागृहों में चल रही इन अवांछित गतिविधियों की सूचनाओं पर प्रभावी कार्यवाही करवाने के लिए प्रोत्साहित एवं विश्वस्त करना जरुरी है। ऐसे में जो भी प्रहरी या मुख्य प्रहरी आदि जेलों में ऐसी अवैध सूचनाओं को महानिदेशक कारागार कार्यालय में व्यक्तिगत उपस्थित होकर या अन्य प्रकार से उपलब्ध करवायेगा। ये सूचना सही पाये जाने पर उसे उचित इनाम दिया जायेगा। साथ ही अतिमहत्वपूर्ण सूचनाओं पर ऐसे प्रहरी या मुख्य प्रहरियों के विशेष पदोन्नति के प्रस्तावों पर भी विचार किया जा सकता है।

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