सत्यनारायण ने भूखंड हड़पने का आरोप लगाया, शंकर जा जाट ने उसी पट्टे को फर्जी बताते हुए जांच की मांग की

भीलवाड़ा हलचल. मोखमपुरा में जिस प्लॉट को सत्यनारायण जाट ने अपना बताते हुए कब्जा करने का शंकर जाट आदि के खिलाफ पुलिस अधीक्षक को शिकायत कर भूखंड हडपने का आरोप लगाया हे .उसी भूखंड को शंकर जाट ने अपना खरीद सुदा बताते हुए पुलिस अधीक्षक से सत्यनारायण जाट के पट्टे को अन्य भूखंड का बताते हुए मामले की गहनता से जांच करा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. यही नहीं जाट पर उन्होंने फर्जी पट्टा बनाने और एक राजनीतिक पार्टी की आड़ में डराने धमकाने परिवार पर किचड़े उछालने के साथ ही जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए।
सत्यनारायण जाट की भूखंड पर कब्जे की शिकायत
आज मौखमपुरा आजादनगर के निवासी सत्यनारायण जाट ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र सौंपते हुए आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने भूखंड हड़पने के लिए उन्हें धमकी दी है। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी शंकर लाल जाट, डालचन्द राजेन्द्र , राहूल , रणजीत और अन्य ने प्रार्थी को जान से मारने की धमकी दी और उनके भूखंड पर कब्जा करने की कोशिश की।सत्यनारायण ने 7 अगस्त 2025 को थाना प्रतापनगर, भीलवाड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई न किए जाने से आरोपी के हौसले बढ़ चुके हैं। जाट ने 8 अगस्त 2025 को अपने भूखंड की देखभाल करने के लिए वहां पहुंचे, तो देखा कि उनका लाखों रुपये का स्क्रेप और कीमती हरे वृक्ष गायब थे। साथ ही, उनके गेट का भी नुकसान हुआ था।
शिकायत में यह भी बताया गया है कि आरोपी शंकर लाल जाट ने पिस्टल निकालकर प्रार्थी को धमकी दी उनके भूखंड पर कब्जा करके रहेंगे। प्रार्थी ने पुलिस और प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि यदि उनकी या उनके परिवार के किसी सदस्य को कुछ भी हुआ तो इसके जिम्मेदार आरोपी होंगे।
भूखंड विवाद: आरोप भी, पट्टा भी फर्जी!" जांच की मांग
शंकर जाट ने ने उसी के पट्टे को फर्जी बताया
दूसरी तरफ मोखमपुरा निवासी नवरत्न उर्फ शंकर जाट ने पुलिस अधीक्षक को लिखित में शिकायत कि हे कि मोखमपुरा में 27 फरवरी १९९९को खरीद शुदा भूखंड संख्या 5 का सत्यनारायण जाट पिता नानूराम जाट आदि ने फर्जी पट्टा तैयार कर लिया । 5 अगस्त को प्लाट पर लगे पेड़ काट कर ले गये , इस संबंध में प्रताप नगर थाने में रिपोर्ट दी गई तो आरोपियों को पाबंद किया गया ,लेकिन तीन दिन बाद ही 8 अगस्त की सुबह कन्हैया लाल , रतन लाल जाट जमुना जाट पप्पू लाल जाट विनोद मनीष मथुरा अंबालाल छोटू कैलाश नानू सत्यनारायण जाट सहित 18 लोगों ने शंकर जाट के प्लाट पर कब्जा करने की नीयत से सीमेंट की चार दीवारी लगाने लगे इस दौरान जाट की पत्नी प्रेम देवी उधर गई तो उसने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन वह रुकने के बजाय जाट की पत्नी प्रेम को रोकने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने इस घटना की जानकारी उनके नौकर द्वारा शंकर जाट को दी गई तो वह भी भाग कर मौके और पहुंचे तो उनके साथ अभद्र व्यवहार करते जान से मारने धमकिया देने लगे , इस दौरान बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए बाद में प्रताप नगर थाना पुलिस और कंट्रोल रूम को सूचना देने पर पुलिस मौके और पहुंची इससे पहले ही आरोपी वहां से भाग छूटे, भागते हुए उन्होंने यह भी धमकी दी कि अगर दोबारा यहां पर नजर आए तो तुम्हे और तुम्हारे परिवार को झूठे मुकदमे में फ़सा देंगे।
जाट ने यह भी बताया कि जिसे पट्टे के आधार पर सत्यनारायण जाट हमारे भूखंड को अपना बता रहा है वह पट्टा ही 16 नंबर भूखंड का हे। जबकि हमारा भूखंड पांच नंबर है उन्होंने इस पट्टे पर भी उंगली उठाते हुए कहा है कि इसमें काट छाट करके जालसाजी की गई ,इसकी भी जांच करवाने की मांग पुलिस से की हे। जिससे कई और मामले भी खुल सकते है।दोनों पक्षों ने पुलिस और प्रशासन से मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
