मोखमपुरा भूखंड विवाद,अब जांच के बाद ही पत्ता चलेगा कोने असली कौन नकली,पंचायत की सूची में नहीं हे पट्टा शामिल!

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भीलवाड़ा( हलचल ) मोखमपुरा में जिस भूखंड को लेकर विवाद चरम सीमा पर पहुंच गया है । वो पांसल पंचायत द्वारा जारी किये जाने की बात कही जा रही हे लेकिन पंचायत रिकॉर्डर में इंद्राज हीं नहीं बताया गया है, ऐसे में अब पुलिस जांच के बाद ही साफ हो पाएगा की इस प्लाट का असली मालिक कौन है, या ये भूखंड ही फर्जी हे!
मोखमपुरा निवासी सत्यनारायण जाट ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक को दिए ज्ञापन के बाद ये दूसरे पक्ष शंकर जाट ने भी ज्ञापन देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।इसके बाद मामला हाईटेक हो गया.
इस बीच शंकर जाट ने पांसल पंचायत द्वारा जारी किए गए पट्टे को फर्जी बताते हुए कहा हे कि मोखमपुरा में अब तक जारी किए पट्टो की अधिकृत सूची में इस पट्टे का कही कोई हवाला नहीं हे।
इसी आधार पर शंकर जाट ने पट्टे को फर्जी बताते हुए गहन जाच की मांग दोराई है। जिससे वास्तविकता सामने आ सके ।दूसरी ओर सत्यनारायण जाट ने भी पट्टे की जांच की ही मांग की हे दोनों ही पक्ष जांच की मांग कर रहे हे और परिवाद पुलिस को दे चुके हे अब जांच से ही साफ हो जाएगा कि कोने असली हे ओर को कौन नकली हे! यहां ये बता देना भी जरुरी है की पांसल और आटूण ऐसी पंचायत हे जिनके सेकंडों ही नहीं बल्कि हजारों पट्टाधारी सालों से अपने भूखंडों को ढूंढ रहे हे। लंबी लड़ाई भी लडी ,मगर अब तक हाथ कुछ भी नहीं आया हे जवाहर नगर विद्युत ग्रिड के पास ऐसे कई भूखंड के पट्टे लेकर लोग घूम रहे हे ऐसा ही हाल आटूण पंचायत का भी हे। इन दोनों पंचायतों में फर्जी पट्टे एक नहीं अनेक निकलेंगे अगर पुलिस ने जांच की तो कई जनप्रतिनिधियों के सफेद चेहरे काले होते नजर आयेगे!
फर्जी पत्ता
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