भीलवाड़ा में 'बुलडोजर' का गर्जन: निगम बोर्ड के विदा होते ही खुली सड़कें, जनता बोली- "कैसी ये राजनीति? पहले क्यों नहीं हुआ प्रहार?"
भीलवाड़ा। नगर निगम बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होते ही भीलवाड़ा की फिजा बदली-बदली नजर आ रही है। कल तक जो अतिक्रमण पार्षदों और महापौर के "राजनीतिक संरक्षण" की चादर ओढ़े हुए थे, गुरुवार को नगर निगम के बुलडोजर ने उन्हें मटियामेट कर दिया। शहर के हृदय स्थल आजाद चौक से लेकर मुख्य सड़कों तक पीला पंजा ऐसा गरजा कि घंटों तक जाम रहने वाले रास्ते मिनटों में चौड़े नजर आने लगे।
आजाद चौक: जहां पैदल चलना मुश्किल था, वहां दौड़ी गाड़ियां
आजाद चौक में जब बुलडोजर ने दुकानों के बाहर पसरे अतिक्रमण को ढहाया, तो लोग दंग रह गए। स्थानीय लोगों में तीखी चर्चा रही कि दुकानों के बाहर की सरकारी जगह भी किराए पर उठा दी गई थी और निगम प्रशासन आंखें मूंदे बैठा था। लोगों ने सवाल उठाया कि "क्या यह कार्रवाई पहले नहीं हो सकती थी? क्या बोर्ड के रुखसत होने का ही इंतजार था?" जनता में इस बात की खुशी तो है कि राहें आसान हुईं, लेकिन डर यह भी है कि फिर से वही 'सिस्टम' कब्जा न कर ले।
हरिशेवा धर्मशाला मार्ग: 15 फीट तक दब गई थी सड़क
कुछ ऐसा ही नजारा हरिशेवा धर्मशाला के पास दिखा। यहां रसूखदार दुकानदारों ने मुख्य सड़क पर 15-15 फीट तक पक्के निर्माण कर लिए थे। नालों को पाट दिया गया था, जिससे गंदा पानी सड़कों पर बह रहा था और बारिश में नरकीय हालात बन जाते थे। बुलडोजर चला तो सड़क की असली चौड़ाई सामने आई। लोगों ने कहा कि बोर्ड के रहते अधिकारियों के हाथ बंधे थे, लेकिन अब 'पावर' हटते ही विकास दिखने लगा है।
सोशल मीडिया पर उठी मांग: सांगानेरी गेट और इंदिरा मार्केट का नंबर कब?
निगम की इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। लोगों ने गायत्री आश्रम, नगर विकास न्यास के पास और सांगानेरी गेट के अतिक्रमण पर सवाल दागे हैं। विशेषकर इंदिरा मार्केट को लेकर लोगों ने तीखा तंज कसा कि वहां 40 फीट की सड़क पर दिन में दो पहिया वाहन निकालना भी किसी जंग जीतने जैसा है।
पांसल चौराहा से गांधीनगर: अतिक्रमण की 'अवैध मंडी'
सोशल मीडिया पर पांसल चौराहा से गांधीनगर मार्ग के हालात भी साझा किए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि आईटीआई और प्रतापनगर स्कूल के पास सड़कों पर अवैध कब्जा है।
बीमा अस्पताल और संदीप बजाज के शोरूम के सामने पार्किंग इतनी बेतरतीब है कि सुबह-शाम यहां से गुजरना जान जोखिम में डालना है।
पांसल चौराहे पर सर्विस लेन को ही टेंट लगाकर जूते-चप्पल और कपड़ों के शोरूम में तब्दील कर दिया गया है। मार्बल मंडी सड़कों पर चल रही है, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है।
कलेक्ट्री के पास 'मुखर्जी उद्यान' के भी बुरे हाल
हैरानी की बात तो यह है कि जिला कलेक्टर कार्यालय के चारों तरफ भी अतिक्रमण का जाल है। मुखर्जी उद्यान की तीन दिशाओं में होटल, गन्ने की चर्खियां और चाट-पकौड़ी की दुकानें अवैध रूप से संचालित हैं। केवल पुलिस अधीक्षक आवास के सामने का हिस्सा ही अतिक्रमण मुक्त है।
कलेक्टर जसमीत सिंह से उम्मीदें
नगर निगम बोर्ड के भंग होने के बाद अब शहर की कमान और उम्मीदें जिला कलेक्टर जसमीत सिंह पर टिकी हैं। लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से कलेक्टर से अपील की है कि इस अभियान को केवल 'फोटो सेशन' न बनने दें, बल्कि इसे स्थाई व्यवस्था में बदलें ताकि दोबारा कोई सड़कों को अपनी जागीर न समझ सके।
भीलवाड़ा हलचल न्यूज पोर्टल पर अपनी खबर देने के लिए संपर्क करें:
समाचार: प्रेम कुमार गढवाल 9413376078 (Email: [email protected], व्हाट्सएप: 9829041455)
विज्ञापन: विजय गढवाल 6377364129
संपर्क कार्यालय: भीलवाड़ा हलचल, कलेक्ट्री रोड, नई शाम की सब्जी मंडी, भीलवाड़ा
फोन: 7737741455
