संविदाकर्मियों के लिए 'भजनलाल सरकार' का ऐतिहासिक फैसला, नई भर्तियों में मिलेगी 'प्रायोरिटी'!

संविदाकर्मियों के लिए भजनलाल सरकार का ऐतिहासिक फैसला, नई भर्तियों में मिलेगी प्रायोरिटी!
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जयपुर (हलचल)। राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को प्रदेश के लाखों संविदाकर्मियों के भविष्य को लेकर सरकार ने अपनी मंशा साफ कर दी है। स्वायत्त शासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबरमल खर्रा ने विधायक डॉ. शिखा मील बराला के सवालों का जवाब देते हुए घोषणा की कि सरकार संविदाकर्मियों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और आगामी भर्तियों में उन्हें प्राथमिकता (Priority) दी जाएगी।

अनुभव की कद्र: सरकारी पदों पर होंगे 'एडजस्ट'

मंत्री झाबरमल खर्रा ने सदन में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार जब भी नई भर्तियां निकालेगी, उनमें पहले से कार्यरत संविदाकर्मियों के अनुभव को तरजीह दी जाएगी।

नियमों में शिथिलता: अनुभवी कार्मिकों को नियमित करने के लिए नियमों में ढील या बोनस अंक जैसे प्रावधानों पर विचार किया जा रहा है।

स्थायी होने की उम्मीद: इस फैसले से नगर निगमों, परिषदों और अन्य विभागों में प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए लगे हजारों कार्मिकों को अब स्थायी सरकारी नौकरी की उम्मीद जगी है।

एजेंसियों पर 'डिजिटल स्ट्राइक': पीएफ-ईएसआई डकारा तो रुकेगा भुगतान

संविदाकर्मियों के शोषण को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने भुगतान की व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव किया है।

चालान अनिवार्य: अब प्लेसमेंट एजेंसियों को हर महीने संविदाकर्मी का PF और ESI जमा करना ही होगा।

पेमेंट की नई शर्त: एजेंसी का दूसरे महीने का बिल तभी पास होगा जब वह पहले महीने की पीएफ/ईएसआई जमा होने की आधिकारिक रसीद (चालान) पेश करेगी। रसीद नहीं तो भुगतान भी नहीं।

अक्टूबर 2026: सफाई कर्मचारियों की महा-भर्ती

बेरोजगार युवाओं के लिए मंत्री ने एक और बड़ा अपडेट साझा किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 का भर्ती कैलेंडर जारी हो चुका है। प्रदेश में अक्टूबर 2026 में बड़े स्तर पर सफाई कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा।

भ्रष्ट तंत्र पर प्रहार: चौमूं नगर परिषद में बड़ी कार्रवाई

मंत्री ने भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' का उदाहरण देते हुए बताया कि नगर परिषद चौमूं में शिकायतों के बाद सख्त एक्शन लिया गया है।

दो कर्मचारी हटाए: भ्रष्टाचार के आरोप में दो स्थायी कार्मिकों को उनके मूल विभाग भेज दिया गया है।

सेवा समाप्त: भ्रष्टाचार में संलिप्त एक संविदाकर्मी की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।

निकायों में रिक्त पदों की चुनौती

मंत्री खर्रा ने स्वीकार किया कि निकायों में नियमित कार्मिकों की भारी कमी है और 2017 से प्लेसमेंट एजेंसियों के भरोसे काम चल रहा है। सरकार अब इन रिक्तियों को नियमित भर्तियों के जरिए भरने की तैयारी में है, जिसमें संविदाकर्मियों का समायोजन सबसे बड़ा कदम होगा।

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