अंसल सुशांत सिटी में आर-पार की जंग: कब्जे के विरोध में निवासियों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू

भीलवाड़ा । शहर की सबसे बड़ी और पॉश कॉलोनी 'अंसल सुशांत सिटी' के मुख्य प्रवेश द्वार और मुख्य सड़क पर कब्जे को लेकर विवाद गहरा गया है। वर्षों पुराने निर्माण और सार्वजनिक रास्ते को बचाने के लिए कॉलोनी वासियों ने गेट नंबर १ पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। मामला शहर के एक बड़े व्यावसायिक समूह द्वारा किए जा रहे दावों और कब्जे के प्रयासों से जुड़ा है।
२० साल पुराने निर्माण पर कब्जे की कोशिश से आक्रोश
संघर्ष समिति के सदस्यों का कहना है कि पिछले २० वर्षों से निर्मित और सार्वजनिक उपयोग में ली जा रही पक्की सड़क, झरना और मुख्य गेट पर कंचन समूह द्वारा वैधानिक हक जताकर बार-बार जेसीबी (छ्वष्टक्च) लाने और निर्माण तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस कार्रवाई से डरे और आक्रोशित कॉलोनी वासियों ने एकजुट होकर "हमारा गेट-हमारा आत्मसम्मान" के नारे के साथ शांतिपूर्ण आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।
'चाय पर चर्चा' से 'भजन-कीर्तन' तक: अनोखा आंदोलन
"अंसल एकीकृत संघर्ष समिति" के बैनर तले इस आंदोलन को बेहद व्यवस्थित रूप दिया गया है। कॉलोनी के अलग-अलग ब्लॉक से टोलियां बनाकर पूरे दिन धरने की जिम्मेदारी बांटी गई है। सुबह ७ बजे "चाय पर चर्चा" से दिन की शुरुआत होती है, जिसके बाद दिनभर भजन-कीर्तन, काव्य गोष्ठी और चर्चाओं का दौर चलता है। रात्रि को "आज की चर्चा" के साथ अगले दिन की रणनीति तय की जाती है।
प्रशासन से गुहार: ठोस निर्णय तक जारी रहेगा संघर्ष
अंसल निवासियों ने इस गंभीर विषय पर जिला कलेक्टर और नगर विकास न्यास (ढ्ढञ्ज) सचिव को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की है। निवासियों का कहना है कि वे अंसल के भव्य स्वरूप को बचाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं और जब तक प्रशासन कोई ठोस निर्णय नहीं लेता, वे धरने से पीछे नहीं हटेंगे। पूरे अंसल परिवार ने इस अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की शपथ ली है।
