भीलवाड़ा से लापता तीनों छात्र 4 दिन बाद कोटड़ी में मिले:: बोले- " किसी ने नहीं किया अपहरण, हम तो दर्शन करने गए थे"

बोले-  किसी ने नहीं किया अपहरण, हम तो दर्शन करने गए थे
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भीलवाड़ा (बीएचएन)। भीलवाड़ा के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों से चार दिन पहले रहस्यमयी तरीके से लापता हुए तीन छात्र मंगलवार को कोटड़ी चारभुजानाथ मंदिर में सुरक्षित मिल गए। दो सगे भाइयों सहित इन तीनों छात्रों के मिलने के बाद पिछले ९६ घंटों से दहशत में जी रहे परिजनों और पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है। छात्रों ने किसी भी प्रकार के अपहरण की बात से इनकार करते हुए बताया कि वे अपनी मर्जी से घूमने और दर्शन करने निकले थे।

21फरवरी को स्कूल के लिए निकले और हो गए ओझल

पूरी घटना २१ फरवरी की सुबह शुरू हुई थी, जब भीमगंज और सदर थाना क्षेत्र के रहने वाले १३, १४ और १६ वर्षीय तीन छात्र सुबह ९:३० बजे स्कूल जाने के लिए घर से निकले थे। शाम तक जब बच्चे घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने अनहोनी की आशंका में भीमगंज और सदर थाने में अपहरण के मामले दर्ज करवाए। पुलिस तभी से सक्रियता के साथ उनकी तलाश में जुटी थी।

चित्तौड़गढ़ तक दौड़ी पुलिस

तलाश के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि इन बच्चों को चित्तौड़गढ़ के बस्सी क्षेत्र में देखा गया है। एएसआई शंभुलाल के नेतृत्व में एक टीम ने मंगलवार को बस्सी, बेगूं और पारसोली के जंगलों व कस्बों में खाक छानी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इस बीच सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि छात्रों ने २१ फरवरी को दोपहर १२:४८ बजे सदर थाना क्रॉस किया था और बाद में वे सुवाणा क्षेत्र में भी दिखाई दिए थे।

दर्शन करने पहुँचे थे कोटड़ी, परिजनों ने घर वापसी कराई

मंगलवार को छात्रों को कोटड़ी चारभुजानाथ मंदिर परिसर में देखा गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर परिजन तुरंत कोटड़ी पहुँचे, जहाँ तीनों छात्र सुरक्षित अवस्था में मिल गए। बच्चों को लेकर परिजन सदर थाने पहुँचे, जहाँ पुलिस ने उनके बयान दर्ज किए। छात्रों ने बताया कि वे केवल घूमने और चारभुजानाथ के दर्शन करने के इरादे से निकले थे और उनका किसी ने अपहरण नहीं किया था। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर बच्चों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।

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