गारनेट माफिया से वसूली का मामला-: भाजपा विधायक मीणा बोले, "मेरा नाम घसीटना साजिश, निष्पक्ष जांच की मांग"

भाजपा विधायक  मीणा बोले, मेरा नाम घसीटना साजिश, निष्पक्ष जांच की मांग
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भीलवाड़ा (बीएचएन) । भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी और काछोला क्षेत्र में अवैध गारनेट खनन और वसूली के चर्चित मामले में जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मीडिया द्वारा उनके नाम को मामले से जोडऩे पर कड़ा ऐतराज जताया है। विधायक मीणा ने स्पष्ट किया कि मुख्य आरोपी अजय पांचाल न तो उनका पीए है और न ही संगठन में किसी पद पर है।

"अजय पांचाल केवल एक कार्यकर्ता, मेरा पीए नहीं"

विधायक गोपीचंद मीणा ने मीडिया को दिये बयान में बताया कि अजय पांचाल भारतीय जनता पार्टी का एक सामान्य कार्यकर्ता रहा है, जो चुनाव के दौरान उनके प्रचार में साथ आया था। उन्होंने कहा, "मीडिया ने तोड़-मरोडक़र मेरा नाम उसके साथ जोड़ा है। वह मेरा पीए नहीं है और न ही मैंने उसे किसी भी तरह का कोई अधिकार दे रखा है। भाजपा के हजारों कार्यकर्ता फोटो खिंचवाते हैं और साथ रहते हैं, इसका मतलब यह नहीं कि उनकी गतिविधियों में मेरी संलिप्तता है।"

विधायक ने ही की थी एसपी से शिकायत

विधायक मीणा ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि कोटड़ी क्षेत्र में अवैध गारनेट खनन और चौथ वसूली की शिकायतें उन्हें पिछले 6 महीने से मिल रही थीं। कार्यकर्ताओं की मांग पर उन्होंने स्वयं भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव से इस बारे में शिकायत की थी। विधायक के अनुसार, उनकी ही शिकायत पर एसपी ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को दबोचा है।

आईपीएस माधव उपाध्याय और अन्य पर साधा निशाना

विधायक ने अपनी बाइट में सीधे तौर पर ट्रेनी आईपीएस माधव उपाध्याय और उनके मातहतों की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वह पिछले 6 महीने से इन अधिकारियों के खिलाफ शिकायत कर रहे थे। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से मांग की कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो ताकि "दूध का दूध और पानी का पानी" हो सके।

सरकार और अपनी छवि को लेकर जताई चिंता

जहाजपुर विधायक ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर उनकी और भाजपा सरकार की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस से आग्रह किया कि इस पूरे सिंडिकेट के असली मास्टरमाइंड तक पहुंचा जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

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