NIA कोर्ट का बड़ा फैसला: मालेगांव ब्लास्ट: साध्वी प्रज्ञा ठाकुर समेत सभी 7 आरोपी बरी

मालेगांव ब्लास्ट: साध्वी प्रज्ञा ठाकुर समेत सभी 7 आरोपी बरी
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नई दिल्ली: 29 सितंबर 2008 के मालेगांव ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने आज, गुरुवार (31 जुलाई, 2025) को एक बड़ा फैसला सुनाते हुए साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर सहित सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया है।

कोर्ट का फैसला: NIA अदालत के जज ने फैसला पढ़ते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष यह तो साबित करने में सफल रहा कि मालेगांव में विस्फोट हुआ था, लेकिन यह साबित नहीं कर पाया कि उस मोटरसाइकिल में बम रखा गया था। अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि घायलों की उम्र 101 नहीं, बल्कि 95 साल थी और कुछ मेडिकल सर्टिफिकेट में हेराफेरी की गई थी।

मालेगांव ब्लास्ट: एक दुखद घटनायह घटना 29 सितंबर 2008 की रात करीब 9 बजकर 35 मिनट पर महाराष्ट्र के नासिक जिले के मुस्लिम बहुल मालेगांव के भीखू चौक पर हुई थी। उस समय लोग रमजान और नवरात्रि के त्योहारों में व्यस्त थे। विस्फोट के बाद चारों तरफ धुआं और लोगों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी थी। इस ब्लास्ट में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे।

मामले की जाँच और सुनवाई:इस केस की जाँच महाराष्ट्र एटीएस के तत्कालीन प्रमुख और शहीद आईपीएस अधिकारी हेमंत करकरे को सौंपी गई थी। उन्होंने कुल 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी, जिनमें से कोर्ट ने पहले पाँच आरोपियों को बरी कर दिया था।

अदालत ने 17 साल लंबी चली सुनवाई के बाद 19 अप्रैल को सभी सात आरोपियों के खिलाफ फैसला सुरक्षित रख लिया था। पहले 8 मई को फैसला सुनाने की तिथि तय की गई थी, जिसके लिए सभी आरोपियों को पेश होने का आदेश दिया गया था। बाद में इसे 31 जुलाई के लिए टाल दिया गया था, और आज कोर्ट ने अंतिम फैसला सुनाया है।

बरी हुए आरोपी:आज जिन सात आरोपियों पर फैसला आया है, उनमें साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित (सेवानिवृत्त), मेजर रमेश उपाध्याय (सेवानिवृत्त), समीर कुलकर्णी, अजय राहिरकर, सुधाकर धर द्विवेदी उर्फ दयानंद पांडे और सुधाकर चतुर्वेदी शामिल हैं।

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