ये क्या हो रहा हे OMG!: अब स्कूल का गेट गिरा, 7 साल के छात्र की मौत; शिक्षक गंभीर घायल,अलवर की 3 क्लासों में गिरा प्लास्टर

अब स्कूल का गेट गिरा, 7 साल के छात्र की मौत; शिक्षक गंभीर घायल,अलवर की 3 क्लासों में गिरा प्लास्टर
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जैसलमेर, हलचल न्यूज।

राजस्थान में जर्जर स्कूल भवनों की पोल खुलती जा रही है। छत गिरने की घटनाओं के बाद अब जैसलमेर से एक और दर्दनाक हादसे की खबर आई है। जैसलमेर के पूनमनगर क्षेत्र में सोमवार को सरकारी स्कूल का भारी भरकम मैन गेट अचानक गिर गया, जिससे एक मासूम छात्र की मौके पर ही मौत हो गई और एक शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गया।

घटना दोपहर करीब 1 बजे की है। 7 वर्षीय अरबाज खान, जो पास ही स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में पहली कक्षा का छात्र था, स्कूल की छुट्टी के बाद अपनी बहनों को लेने गर्ल्स स्कूल पहुंचा था। जैसे ही वह स्कूल के मेन गेट के पास पहुंचा, अचानक लोहे का गेट और उसके ऊपर की चूना-पत्थर की दीवार भरभराकर गिर गई।





मलबे के नीचे दब गया मासूम

गेट गिरते ही अरबाज पूरी तरह मलबे में दब गया। आसपास मौजूद लोग और स्टाफ तुरंत दौड़े, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। वहीं पास ही खड़े एक शिक्षक भी हादसे की चपेट में आ गए। उन्हें सिर और पैर में गंभीर चोटें आईं, जिन्हें तुरंत जवाहिर अस्पताल रेफर किया गया।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

मासूम बेटे की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। मृतक छात्र की दो बहनें उसी स्कूल में पढ़ती हैं। हादसे के वक्त दोनों बहनें मौजूद थीं। स्कूल परिसर में मातम छा गया।

प्रशासन पर उठे सवाल

लगातार हो रही स्कूलों की ढांचागत लापरवाही पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। हाल ही में झालावाड़ में स्कूल की छत गिरने से बच्चों की मौत हुई थी, और अब जैसलमेर में गेट गिरने से हुई मौत ने शिक्षा विभाग की तैयारियों पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।

जांच के आदेश

हादसे के बाद जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्कूल भवन की स्थिति का जायजा लिया। संभावना जताई जा रही है कि गेट की हालत पहले से ही जर्जर थी, जिसकी मरम्मत समय पर नहीं कराई गई।

शव लेकर धरने पर

घटना को लेकर ग्रामीणों और परिजनों ने नाराजगी जताई और बच्चे के शव को लेकर स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए। परिजनों का आरोप है कि स्कूल का मैन गेट काफी समय से जर्जर हालत में था, फिर इसे ठीक क्यों नहीं करवाया गया।

जानकारी के अनुसार, जहां पर हादसा हुआ है, वो जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी का पैतृक गांव है। घटना की जानकारी मिलने पर रामगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। विधायक छोटू सिंह भाटी, तहसीलदार महावीर प्रसाद, एसडीएम सक्षम गोयल मौके पर आए। यह सभी लोग ग्रामीणों और प्रदर्शनकारियों से समझाइश कर रहे हैं।

भांजे की मौत के सदमे से मामा हुए बेहोश

इधर, अरबाज के मामा शमशेर खान भांजे की मौत के सदमे से बेहोश हो गए। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा- स्कूल प्रशासन को इसका ध्यान रखना चाहिए था। इतना बोलते ही वो कैमरे के सामने ही बेहोश हो गए। वो जमीन पर गिरने ही वाले थे कि साथ में मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला।

कोरोना काल में हो गई थी पिता की मौत

अरबाज के पिता तालब खान की कोरोना काल के दौरान मौत हो गई थी। उसके 1 बड़ा भाई और 2 बहनें है। अरबाज का भाई रईस खान 9 साल का है। बड़ी बहन मधु इसी स्कूल में 8वीं क्लास में पढ़ती है और दूसरी बहन 7वीं कक्षा में पढ़ती है।

अलवर की 3 क्लासों में गिरा प्लास्टर

झालावाड़ में स्कूल की छत गिरने के बाद प्रदेश के स्कूलों के जर्जर हालात सामने आ गए हैं। उदयपुर में 2 ही दिन में 3 सरकारी स्कूलों के दीवार ढहने और प्लास्टर गिरने के मामले सामने आ चुके है। वल्लभनगर के सरकारी उच्च प्राथमिक स्कूल, नया राजपुरा में तो आज 3 क्लासों की छतों का प्लास्टर गिर गया। इस दौरान बच्चे क्लास में पढ़ रहे थे। उन्हें तुरंत बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि स्टूडेंट्स को चोट नहीं आई।

एक दिन पहले रविवार को वल्लभनगर के रूपावली गांव के सरकारी उच्च प्राथमिक स्कूल की दीवार ढह गई थी। रविवार की छुट्टी होने से कोई बच्चा नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। इसी दिन ऋषभदेव के राउमावि पंड्यावाड़ा स्कूल की छत का प्लास्टर गिर गया था। इस हादसे के बाद सोमवार को ग्रामीणों ने स्कूल की छुट्टी करवा दी।

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