​टेक्सटाइल सिटी के लिए 'गोल्डन ऑफर: यूरोप के 95 अरब डॉलर के बाजार में भीलवाड़ा के कपड़े की होगी सीधी एंट्री

यूरोप के 95 अरब डॉलर के बाजार में भीलवाड़ा के कपड़े की होगी सीधी एंट्री
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​भीलवाड़ा। भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच होने वाला मुक्त व्यापार समझौता (FTA) भीलवाड़ा सहित देश के वस्त्र उद्योग के लिए संजीवनी साबित होने वाला है। इस समझौते के बाद भारतीय निर्माताओं को यूरोप के 95 अरब डॉलर के विशाल बाजार में शून्य शुल्क (Zero Duty) पर पहुंच मिलेगी। अभी तक इस बाजार में चीन और बांग्लादेश का दबदबा था, लेकिन अब भीलवाड़ा का कपड़ा भी यूरोप के शोरूम्स की शोभा बढ़ाएगा।

​भीलवाड़ा के लिए क्यों खास है यह समझौता?

​अमेरिका से मिला घाटा, यूरोप से होगा पूरा: अमेरिकी बाजार में शुल्क बढ़ने से तिरुपुर जैसे केंद्रों को 15,000 करोड़ का नुकसान हुआ है। ऐसे में यूरोप का बाजार भारतीय निर्यातकों के लिए नया ठिकाना बनेगा।

​5 साल में दोगुना होगा निर्यात: विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोपीय संघ को होने वाला निर्यात अगले 5 साल में 5.5 अरब डॉलर से बढ़कर 11 अरब डॉलर के पार पहुंच जाएगा।

​2030 का लक्ष्य: यह समझौता 2030 तक भारत के 100 अरब डॉलर के कपड़ा निर्यात लक्ष्य को हासिल करने में मील का पत्थर साबित होगा।

​बांग्लादेश को मिलेगी टक्कर: अभी बांग्लादेश 'अल्प विकसित देश' होने के नाते ड्यूटी-फ्री लाभ उठा रहा है, लेकिन अब भारत को भी वही बराबरी का मौका मिलेगा।

​क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?

​एपैरल एक्सपोर्ट प्रोमोशन काउंसिल (AEPC) के चेयरमैन ए. शक्तिवेल और CITI के चेयरमैन अश्विनी चंद्रन के अनुसार, इस समझौते से उद्योग में जबरदस्त आत्मविश्वास बढ़ा है और सालाना निर्यात वृद्धि दर 20 से 25 प्रतिशत तक जा सकती है।


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