दूध की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम: FSSAI ने अब दूध उत्पादकों और विक्रेताओं के लिए लाइसेंस किया अनिवार्य

दूध की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम: FSSAI ने अब दूध उत्पादकों और विक्रेताओं के लिए लाइसेंस किया अनिवार्य
X


नई दिल्ली। देशभर में दूध और डेयरी उत्पादों में बढ़ती मिलावट की गंभीर शिकायतों और हाल ही में आंध्र प्रदेश में हुई दुखद घटनाओं के बाद, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कड़ा रुख अपनाया है। खाद्य नियामक ने एक नई एडवाइजरी जारी करते हुए अब सभी स्वतंत्र दूध उत्पादकों और विक्रेताओं के लिए FSSAI पंजीकरण या लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया है।




नए नियमों के मुख्य बिंदु:

* अनिवार्य पंजीकरण: वे सभी दूध उत्पादक जो किसी डेयरी सहकारी समिति (Cooperative Society) के सदस्य नहीं हैं और सीधे बाजार में दूध बेचते हैं, उन्हें अब अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा।

* किसे मिलेगी छूट: केवल वही उत्पादक इस नियम से बाहर हैं जो सहकारी समितियों के पंजीकृत सदस्य हैं और अपना पूरा दूध केवल समिति को ही बेचते हैं।

* सख्त निगरानी: FSSAI ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष पंजीकरण अभियान (Special Registration Drives) चलाने के निर्देश दिए हैं ताकि कोई भी विक्रेता बिना लाइसेंस के संचालन न कर सके।

* नियमित जांच: खाद्य सुरक्षा अधिकारियों (FSOs) को निर्देश दिया गया है कि वे दूध विक्रेताओं के पास वैध लाइसेंस की भौतिक जांच करें और समय-समय पर दूध के नमूनों की गुणवत्ता की भी जांच करें।

क्यों लिया गया यह फैसला?

FSSAI के अनुसार, बाजार में खुला दूध बेचने वाले कई उत्पादक बिना किसी नियामक निगरानी के काम कर रहे थे। हाल के दिनों में घी, पनीर और दूध में स्टार्च, डिटर्जेंट और अन्य हानिकारक रसायनों की मिलावट के मामले सामने आए हैं। इस कदम का उद्देश्य दूध की सप्लाई चेन में ट्रेसिबिलिटी (Traceability) और जवाबदेही तय करना है ताकि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो सके।

> विज्ञापन के लिए संपर्क करें: विजय गढवाल 6377364129

> समाचार देने के लिए संपर्क करें: प्रेम कुमार गढवाल 9413376078 (व्हाट्सएप: 9829041455)

> संपर्क कार्यालय: भीलवाड़ा हलचल, कलेक्ट्री रोड, नई शाम की सब्जी मंडी, भीलवाड़ा

> ईमेल: [email protected] | फोन: 7737741455


Next Story