नेपाल में बड़ा सियासी उलटफेर: प्रधानमंत्री बनते ही बालेन शाह का एक्शन, पूर्व PM केपी ओली गिरफ्तार

काठमांडू/नई दिल्ली। नेपाल की राजनीति में शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई नवनियुक्त प्रधानमंत्री बालेन शाह के शपथ ग्रहण के महज 24 घंटे के भीतर हुई है, जिसे भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ एक बड़े प्रहार के रूप में देखा जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
यह गिरफ्तारियां सितंबर 2025 में हुए 'जनरेशन जेड' (Gen Z) विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और मौतों से जुड़ी हैं। उस समय भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ हुए देशव्यापी आंदोलनों में करीब 77 लोगों की जान गई थी। पूर्व विशेष न्यायालय के न्यायाधीश गौरी बहादुर कार्की की अध्यक्षता वाले जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट में तत्कालीन प्रधानमंत्री ओली और गृह मंत्री रमेश लेखक को "आपराधिक लापरवाही" का मुख्य जिम्मेदार ठहराया है।
कानूनी शिकंजा: 10 साल तक की हो सकती है जेल
पुलिस के अनुसार, गृह मंत्रालय की औपचारिक शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई है। आयोग की सिफारिश पर इन नेताओं के खिलाफ नेपाल की राष्ट्रीय दंड संहिता की धारा 181 और 182 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
* आरोप: प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग और खुफिया चेतावनियों को नजरअंदाज करना।
* संभावित सजा: दोष सिद्ध होने पर दोषियों को 10 वर्ष तक की कैद हो सकती है।
बालेन शाह: रैपर से प्रधानमंत्री तक का सफर
35 वर्षीय बालेन शाह (बालेंद्र शाह), जो काठमांडू के मेयर रह चुके हैं, ने हाल ही में हुए आम चुनावों में अपनी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) को ऐतिहासिक जीत दिलाई है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद उनकी कैबिनेट ने पहली ही बैठक में कार्की आयोग की रिपोर्ट को लागू करने का फैसला किया। वर्तमान गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर लिखा— "वादा मतलब वादा, कानून से ऊपर कोई नहीं है।"
