आईटी कंपनी मालिकों का अपहरण:: 1 करोड़ की फिरौती के लिए रातभर घुमाया, पुलिस के बढ़ते दबाव में गलता के जंगलों में छोड़ा

जयपुर। राजधानी में एक बार फिर बेखौफ बदमाशों ने सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया है। जगतपुरा निवासी दो आईटी कंपनी मालिकों, राहुल और दिनेश का अपहरण कर उनसे 1 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई। हालांकि, पुलिस की घेराबंदी और तकनीकी सतर्कता के चलते बदमाश शुक्रवार सुबह पीड़ितों को गलता के जंगलों में छोड़कर फरार हो गए।
क्रिप्टोकरेंसी के लालच में बुलाकर किया अगवा
जानकारी के अनुसार, राहुल और दिनेश मानसरोवर के इस्कॉन मंदिर के पास अपनी आईटी कंपनी चलाते हैं। 19 मार्च की शाम उनके पास एक अज्ञात कॉल आया, जिसमें उन्हें USDT (क्रिप्टोकरेंसी) में निवेश के मुनाफे का लालच देकर मिलने बुलाया गया। शाम करीब 7 बजे जब दोनों तय स्थान पर पहुंचे, तो वहां पहले से घात लगाए बैठे 6-7 नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें कार में बंधक बना लिया।
परिजनों की सूझबूझ और पुलिस का 'चेस'
अपहरण के बाद बदमाशों ने पीड़ितों के ही मोबाइल से परिजनों को फोन कर 1 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी और रकम लेकर गोनेर पहुंचने को कहा। परिजनों ने बिना घबराए तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने फिरौती देने का जाल बिछाया और बदमाशों का पीछा करना शुरू किया।
बदमाश पुलिस को छकाने के लिए पीड़ितों को गोनेर, हिंगोनिया गौशाला, इंदिरा गांधी नगर, खो नागोरियान, कानोता और बस्सी के इलाकों में घुमाते रहे। पूरी रात चले इस घटनाक्रम के बाद पुलिस का घेरा सख्त होता देख बदमाश शुक्रवार सुबह करीब 5:30 बजे पीड़ितों को उनकी कार सहित गलता के जंगलों में छोड़कर भाग निकले।
GPS और रेंटल कार से मिला सुराग
पुलिस जांच में सामने आया कि बदमाशों ने वारदात के लिए मानसरोवर की एक रेंटल कंपनी से कार ली थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से कार का नंबर ट्रेस किया और रेंटल कंपनी के ऑफिस पहुंचकर गाड़ी में लगे GPS सिस्टम के जरिए लोकेशन ट्रैक की। पीड़ितों के मोबाइल ऑन होने से भी पुलिस को उनकी लोकेशन ट्रेस करने में बड़ी मदद मिली।
फिलहाल, एफएसएल (FSL) टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की तीन विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे गिरोह को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
