नकली नोटों के बड़े रैकेट का भंडाफोड़:: 2.38 करोड़ के जाली नोट बरामद, 'चीन कनेक्शन' का खुलासा

अहमदाबाद/सूरत। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गुजरात में चल रहे हाई-टेक नकली नोट छापने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सूरत और अहमदाबाद से 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 2.38 करोड़ रुपये के जाली नोट बरामद किए हैं। यह गिरोह इतने शातिर तरीके से काम कर रहा था कि नोटों में असली जैसे 'हाई सिक्योरिटी फीचर्स' का इस्तेमाल किया गया था।
चीन से मंगाया जा रहा था विशेष कागज
पूछताछ में इस रैकेट का 'चीन कनेक्शन' सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने नकली नोट छापने के लिए चीन से ऑनलाइन ऑर्डर देकर विशेष प्रकार का कागज मंगाया था। पुलिस को आरोपियों के पास से अभी भी इतना कागज मिला है जिससे 500 रुपये के 5,600 और जाली नोट छापे जा सकते थे।
हाई-टेक लैब और करोड़ों की खेप
डीसीपी अजीत राज्यान के अनुसार, बुधवार को सूचना मिली थी कि सूरत से अहमदाबाद के अमराईवाड़ी इलाके में नकली नोटों की एक बड़ी खेप लाई जा रही है।
घेराबंदी: पुलिस ने नाकेबंदी कर एक कार को रोका, जिससे 500 रुपये के 42,000 जाली नोट (2.10 करोड़ रुपये) बरामद हुए।
गिरफ्तारी: कार में सवार एक महिला सहित 6 लोगों को मौके पर दबोचा गया।
सूरत में दबिश: आरोपियों की निशानदेही पर सूरत में छापेमारी कर एक और साथी को पकड़ा गया, जहाँ से 28 लाख के नोट, प्रिंटर, कटर और सिक्योरिटी थ्रेड पेपर बरामद हुए।
10 साल पुराना नेटवर्क, नागपुर भेजी जाएगी खेप
जांच में पता चला है कि गिरोह के सदस्य पिछले 10 वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में थे। इन्होंने अब तक करीब ढाई से तीन करोड़ रुपये मूल्य के 500 के नकली नोट तैयार किए थे। इन नोटों की गुणवत्ता की बारीकी से जांच करने के लिए इन्हें नागपुर स्थित सरकारी प्रिंटिंग प्रेस भेजा जाएगा।
संपत्ति और बैंक खातों की जांच शुरू
अदालत ने आरोपियों को पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी जांच में पूरा सहयोग नहीं कर रहे हैं, इसलिए अब उनके बैंक खातों, आय के स्रोतों और अवैध संपत्तियों की भी गहनता से जांच की जा रही है ताकि इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचा जा सके।
