जागदरी में कोहराम: -श्मशान घाट पर रुका अंतिम संस्कार, शरीर पर चोट के निशान देख भडक़े ग्रामीण, हत्या की आशंका!

-श्मशान घाट पर रुका अंतिम संस्कार, शरीर पर चोट के निशान देख भडक़े ग्रामीण, हत्या की आशंका!
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भीलवाड़ा (अन‍िल डांगी)। जिले के कारोई थाना क्षेत्र के गुरला के समीप सेतुरिया ग्राम पंचायत के जागदरी गांव में बुधवार को उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद उसके शरीर पर चोट के निशान मिले। मृतक की पहचान संजय बारेठ पुत्र भंवर बारेठ के रूप में हुई है। मामला तब और गरमा गया जब ग्रामीण शव को मुखाग्नि देने ही वाले थे, लेकिन संदिग्ध परिस्थितियों को देख दाह संस्कार रोक दिया गया।

अंतिम विदाई के वक्त खुला राज, विरोध प्रदर्शन

मिली जानकारी के अनुसार, संजय की मौत को शुरुआती तौर पर सामान्य माना जा रहा था। परिजन और ग्रामीण शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान लेकर पहुंचे थे। जैसे ही शव को अंतिम स्नान और क्रिया के लिए तैयार किया गया, ग्रामीणों की नजर मृतक के शरीर पर मौजूद गंभीर चोट के निशानों पर पड़ी। यह देखते ही वहां हडक़ंप मच गया। परिजनों ने तुरंत हत्या की आशंका जताते हुए दाह संस्कार करने से साफ मना कर दिया और मौके पर ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

कारोई पुलिस मौके पर, गांव में गुस्सा

हंगामे और भारी आक्रोश की सूचना मिलते ही कारोई थाना पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंची। ग्रामीणों का साफ कहना है कि यह सामान्य मौत नहीं है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग को लेकर श्मशान घाट पर ही डेरा डाल दिया। फिलहाल मौके पर भीड़ जमा है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस परिजनों को समझा-बुझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कोशिश कर रही है ताकि मौत के असली कारणों का खुलासा हो सके।

बस में सफर के दौरान टूटी सांसे

थाना प्रभारी महावीर प्रसाद के अनुसार, मौके पर लोगों का कहना था कि संजय, महाराष्ट्र के जलगांव में मजदूरी करता था। वह 3 फरवरी को ही गांव से वहां गया था। कुछ दिन पहले वहां उसकी तबीयत खराब हो गई। ऐसे में वह बस में बैठकर भीलवाड़ा आ रहा था। उसके साथ एक और व्यक्ति भी था। रतलाम के आस-पास संजय की मौत हो गई। इसके बाद शव को गांव ले जाया गया था। उधर, परिजनों ने अब तक पुलिस को कोई रिपोर्ट नहीं दी है, रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो पायेगी।

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